बरेली। मानसून से पहले शहर के नालों की सफाई व्यवस्था में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 10 नालों की सफाई के लिए 34,25,431 रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इसके बावजूद, धरातल पर नालों में कचरा और सिल्ट जमा है। मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए दो कार्यदायी संस्थाओं पर जुर्माना और छह अभियंताओं को नोटिस जारी किए हैं।
निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिये की गई। मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने पाया कि साईं कॉन्ट्रैक्टर और आरके कॉन्ट्रैक्टर नाला सफाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। स्वीकृत एस्टीमेट के अनुसार, मानसून से पूर्व जलभराव से निपटने के लिए नालों की पूरी गहराई से सफाई होनी थी। इसके विपरीत, ठेकेदारों ने मौके पर केवल तीन-चार मजदूर लगाकर ऊपर तैरने वाला कचरा हटाने का दिखावा किया। नाला सफाई के लिए आवश्यक मशीनरी जैसे जेसीबी भी मौके पर मौजूद नहीं पाई गई। इस गंभीर लापरवाही के लिए साईं कॉन्ट्रैक्टर पर पांच लाख रुपये और आरके कॉन्ट्रैक्टर पर दो लाख पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इन दोनों फर्मों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
साईं कान्ट्रैक्टर को मिला था सात नालों का ठेका
साईं कॉन्ट्रैक्टर को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सात मुख्य सफाई कार्यों का ठेका 20,55,166 रुपये में मिला था। इनमें जोन तीन और चार के तहत सेटेलाइट से बीसलपुर चौराहे तक, धोबी चौराहे वाली सड़क से बानखाने तिराहे तक, और चमेली की बगिया वाली सड़क से धोबी चौराहे की पुलिया तक के कार्य शामिल थे। इसके अतिरिक्त, वार्ड 15 हजियापुर और वार्ड 71 नई बस्ती में भी सफाई कार्य इसी फर्म के अधीन थे। इन सभी कार्यों में गंभीर शिथिलता पाई गई। इस कारण फर्म पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
आरके कॉन्ट्रैक्टर पर भी कार्रवाई
आरके कॉन्ट्रैक्टर के पास शहर के तीन बड़े और घने इलाकों के नालों की सफाई का जिम्मा था। इसके लिए फर्म को 13,70,265 रुपये का ठेका दिया गया था। इसमें रबड़ी टोला, सूफी टोला, चकमहमूद और शहदाना जैसे क्षेत्रों के नाला सफाई कार्य शामिल थे। मौके पर इस फर्म की ओर से भी वही कमियां पाई गईं। इन कमियों के चलते आरके कॉन्ट्रैक्टर पर दो लाख पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
लापरवाही बरतने वाले अभियंताओं को भी नोटिस
मुख्य अभियंता ने निगरानी में लापरवाही बरतने वाले विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है। दो सहायक अभियंताओं और चार अवर अभियंताओं को नोटिस भेजे गए हैं। सहायक अभियंता मुकेश शाक्य और मूल चंद्र को नोटिस मिला है। अवर अभियंताओं में वीर प्रताप सिंह, अरुण कुमार, मनीष वैद्य और अनुराग कमल शामिल हैं। इन सभी से जवाब तलब किया गया है क्योंकि धरातल पर नालों की सफाई ठीक से नहीं हुई है। बरसात में इन इलाकों में जलभराव की संभावना है।
बयान
दोनों ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे 6 जून तक नगर निगम कार्यालय में अपना जवाब दाखिल करे। यदि तय समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है, तो दोनों फर्मों के खिलाफ पांच लाख और ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। -मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता