प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसर कोरोना पर काबू पाने का तो दावा कर रहे हैं लेकिन एंबुलेंस वाले किराए की दर निर्धारित किए जाने के बावजूद अब भी लोगों को पहले की तरह लूट रहे हैं। ऑक्सीजन सपोर्टेड एंबुलेंस का दस किलोमीटर तक का किराया एक हजार निर्धारित होने के बावजूद शहर में ही दो तीन किलोमीटर तक आने-जाने का भी किराया दो हजार रुपये तक वसूल किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से किराया दर लागू करने के साथ चेतावनी दी गई थी कि इससे ज्यादा किराया वसूल करने वाले एंबुलेंस चालकों पर महामारी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी लेकिन यह चेतावनी कागजी खानापूरी से ज्यादा कुछ साबित नहीं हो पाई। साफ उदाहरण यह है कि ज्यादा किराया वसूल करने के मामले में अब तक जिले में एक भी कार्रवाई न हुई। बुधवार को अमर उजाला ने पड़ताल की तो ज्यादातर एंबुलेंस चालकों ने दोगुने किराए की मांग की। प्रशासन की किराया सूची का हवाला दिया तो कोई और एंबुलेंस बुक करने को कह दिया। किसी भी एंबुलेंस पर प्रशासन की किराया दर भी चस्पा नहीं थी।
डेढ़ हजार लूंगा, चलना हो तो बताओ
गांधी पार्क के सामने खाली पड़े मैदान में दर्जन भर एंबुलेंस खड़ी थीं। इन्हीं में से एक एंबुलेंस चालक करन से राजीव कॉलोनी सुभाषनगर से एक बुजुर्ग महिला को एमआरआई सेंटर तक ले जाने के लिए बात की तो उसने डेढ़ हजार रुपये मांगे। जब उससे प्रशासन से निर्धारित किराया दर के हिसाब से किराया लेने को कहा तो बोला- डेढ़ हजार में 50 रुपये कम दे दो या फिर किसी और को देख लो। ज्यादा बात करने का कोई मतलब नहीं है।
दो हजार से एक भी रुपया कम नहीं लेंगे
ईपीएफ कार्यालय के सामने खड़ी चार एंबुलेंस के चालक एक एंबुलेंस में बैठकर ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। उनसे मरीज के बारे में बगैर ऑक्सीजन की एंबुलेंस के बारे में बात की तो ड्राइवर रूप सिंह ने दूसरे एंबुलेंस चालक से दो हजार रुपये लेने और मरीज को लाने को कहा। एक रुपया भी कम नहीं करने को कहा। निर्धारित दर के तहत किराया लेने के लिए कहा तो बोला- यहां सब उसी की एंबुलेंस हैं। हमारा किराया सही है और यही देना होगा।
जो प्रशासन ने तय किया है वही देना
मिशन अस्पताल परिसर में तीन एंबुुलेंस मौजूद थीं। एक चालक से बात की तो उसने एक हजार रुपये देने को कहा। कुछ कम करने की गुजारिश की तो कहा, प्रशासन से निर्धारित दर पर किराया लेंगे। इसके बाद एंबुलेंस के साइड ग्लास पर चस्पा प्रशासन का आदेश और दरें दिखा दीं। बताया कि इस दर से कम या ज्यादा न करेंगे। अगर नहीं चलना है तो कहीं और जाकर रेट पता कर सकते हैं।
प्रशासन की ओर से निर्धारित किराया लिए जाने के सभी एंबुलेंस चालकों को निर्देश दे दिए गए हैं। अगर कोई ज्यादा किराया वसूल रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने वालों को सबक मिले। - छत्रपाल सिंह गंगवार, मंडल अध्यक्ष आल यूपी एंबुलेंस ऑपरेटर यूनियन
एंबुलेंस की दरें निर्धारित कर दी गईं हैं। इसके बाद भी यदि कोई एंबुलेंस चालक अधिक किराया वसूल रहा है तो उसके खिलाफ लिखित शिकायत मिलने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -नितीश कुमार, डीएम