बरेली। बीते तीन साल से घरेलू पर्यटन में दर्ज हो रही बढ़त बरकरार है, लेकिन अब विदेश की सैर के लिए भी शहरवासी निकल रहे हैं। विदेश जाने की बढ़ी चाह ने ट्रेवल एजेंसी संचालकों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी है। टूर ऑपरेटर्स का मानना है कि करीब तीन साल बाद विदेशी पर्यटन के लिए शहर से करीब तीन गुना ज्यादा बुकिंग हुई है।
संचालकों का कहना है कि विदेशी पर्यटन दिसंबर 2019 से ही प्रभावित हो गया था। क्योंकि तब चीन में कोरोना हावी हो गया था। जनवरी 2020 की शुरुआत में इस वायरस की चपेट में दुनिया के ज्यादातर देश आ गए। साथ ही करीब दो साल तक कोरोना महामारी हावी रही और दुनियाभर में लाखों जिंदगियां तबाह हो गईं। इसी के चलते वर्ष 2020 से विदेशी पर्यटन घटकर पांच फीसदी रह गया था। इधर वर्ष 2023 की शुरुआत से स्थितियां बदली हैं। गर्मियों में पर्यटन 60 फीसदी तक जा पहुंचा। इस तरह अब कोरोना काल से पहले की स्थिति में पर्यटन पहुंच गया है। यानी जमकर बुकिंग हो रही है।
लिया सबक, ट्रेवल इंश्योरेंस करवा रहे
ट्रेवल एजेंसी संचालक साकेत अग्रवाल के मुताबिक इस साल जो भी पर्यटक बुकिंग के लिए पहुंच रहे हैं, वे ट्रेवल इंश्योरेंस की मांग कर रहे हैं। ताकि सफर में अगर कोई दुर्घटना या बीमारी का शिकार हो तो इलाज के लिए दौड़भाग न करनी पड़े। क्योंकि विदेश में अगर दुर्घटना हो जाती है, तो वहां के अस्पताल का इलाज खर्च काफी महंगा पड़ जाता है। सामान्य से घाव की मरहम पट्टी का हजारों बिल बनता है।
अबकी बार विदेश में हनीमून मनाने निकले जोड़े
बताया कि सहालग सीजन में नव विवाहित जोड़ों की जमकर बुकिंग विदेश यात्रा के लिए हुई है। इसमें दुबई जाने की चाहत जबरदस्त है। बरेली शहर से करीब दो सौ नवदंपती इस साल हनीमून मनाने विदेश गए हैं। वहीं सर्दियों की सहालग में जो बुकिंग हुई है उनमें से कुछ सैर पर चले गए हैं तो कुछ अगले साल में विदेश जाएंगे। बुकिंग पहले कराने से उन्हें खर्चा कम पड़ता है। बेहतर लोकेशन पर ठहरने का भी मौका मिल जाता है। ऑफर्स का भी भरपूर लाभ ले लेते हैं।
देश में इन इलाकों के लिए भी निकल रहे लोग
सर्दियों में गोवा, केरल, दार्जिलिंग, राजस्थान, हिमाचल, आसाम, जम्मू कश्मीर, रामेश्वरम, तिरुपति बालाजी, वैष्णो देवी, काशी विश्वनाथ वाराणसी, उज्जैन घूमने भी लोग जा रहे हैं। इनके आंवला, मथुरा, वृंदावन भी घूमने वालों की भी तादाद खूब है।
कोरोना की आहट ने घबराहट भी बढ़ाई
कोरोना के नये स्वरूप जेएन-1 के केस मिलने से फिर ट्रेवल एजेंसी संचालकों की घबराहट बढ़ गई है। क्योंकि पिछली बार कोरोना का हमला होने पर जब लॉकडाउन लगा था तब लाखों रुपए की बुकिंग तत्काल निरस्त हो गई थी। हवाई उड़ान थमने से यात्रा प्रभावित हो गई थी। विदेशी एजेंट ने पैसा भी वापस नहीं किया था। इस साल ही पिछली भरपाई की उम्मीद पूरी हो रही थी।