बरेली जंक्शन से राजधानी एक्सप्रेस बिना काशन पेपर लिये ही चल दी। यह बात जब स्टेशन मास्टर को मालूम हुई तो उन्होंने ट्रेन रुकवाकर ड्राइवर को काशन दिया, फिर ट्रेन चलाई गई। बिना काशन के ट्रेन चलती तो हादसे में कितनी जानें जातीड्ड, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
गौरतलब है कि शाहजहांपुर और रोजा सेक्शन पर ट्रैक पर पत्थरों को स्लीपर डालने के लिए टीआरटी का काम चल रहा है। रेलवे ने यहां पर काशन लगाया हुआ है जिसके चलते सभी ट्रेनें 30 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलाई जा रहीं है। जंक्शन से लखनऊ की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों को शाहजहांपुर पर काशन पेपर दिया जाता है जबकि नॉन स्टॉप ट्रेनों को जंक्शन पर ही काशन दे दिया जाता है जिससे ड्राइवर शाहजहांपुर और रोजा के बीच ट्रेन को धीमी गति से चलाता है। मंगलवार को दोपहर 01.45 बजे नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस जंक्शन पहुंची। दो मिनट रुकने के बाद ट्रेन चली लेकिन ड्राइवर को काशन पेपर नहीं दिया गया। इसका आबास स्टेशन मास्टर को ट्रेन चलने के बाद हुआ। उन्होंने ट्रेन को वॉकी-टॉकी से रुकवाकर काशन पेपर दिया, इसके बाद ट्रेन चलाई गई। राजधानी एक्सप्रेस आमतौर पर 120 किलोमीटर की स्पीड से चलती है। रेलवे जानकारों का कहना है कि अगर बिना काशन पेपर के ट्रेन चलती तो हादसा तय था और रेल हादसों में एक और पन्ना जुड़ जाता।