फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जमीन कब्जाने को देव सड़क पर बैठा दिए हैं

Thu, 17 Mar 2016 01:14 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
विज्ञापन
अ‌िततिक्रमण्‍ा
विज्ञापन
पता नहीं ऐसे लोगों को धार्मिक कहा भी जाना चाहिए कि नहीं जो देवी देवताओं को पवित्र स्थानों पर स्थापित करने की बजाए सड़कों पर बैठा दे रहे हैं। दरअसल यह  सरकारी जमीन पर कब्जा करने का एक प्रचलित तरीका हो गया है। भगवान के नाम पर सबकी बोलती बंद हो जाती है। अफसर सहम जाते हैं और नेता लोग भी मदद कर देते हैं। मठ, मंदिर, मजार या मस्जिद यूं ही बन जाती है और जब तक सिस्टम को कोई झकझोर कर जगाता है तब तक धर्म के नाम पर भीड़ इकट्ठा करने लायक व्यवस्था हो जाती है। 
विज्ञापन

मॉडल टाउन रोड को ही लीजिए। श्यामगंज चौराहा से लेकर शहदाना, डेलापीर, मंडी होते हुए त्रिशूल एयरबेस तक सड़क के दोनों ओर अस्थाई और पक्के अतिक्रमण की भरमार है। स्टेडियम की दीवार और सड़क के बीच में पीपल के पेड़ों के नीचे सात मंदिर बना दिए गए। पहले यहां पूजा अर्चना शुरू हुई। फिर देवी देवताओं के अलग-अलग मंदिर बनाकर उनमें शनि देव, मां दुर्गा, मां काली, गणेश जी, हनुमान जी और भगवान शिव की मूर्तियां स्थापित कर दी गईं। दो मंदिरों के बीच में खोखा लगा है। खोखा चलाने वाले अपना ठाकुर जी बताते हैं। इनका कहना है कि उनका परिवार सब मंदिरों की देखभाल करता है। आस-पास के श्रद्धालु मंदिर में आकर प्रतिदिन पूजा अर्चना करते हैं। मंदिर के बाहर सरकारी हैंडपंप भी लग चुका है। नगर निगम ने टाइल्स भी बिछा दी। डेलापीर मंडी के आगे सड़क के दाहिनी ओर पीपल के पेड़ की पूजा होने लगी है। यहां अभी छोटी मठिया बनी है। बड़ी मठिया बनाकर फिर मंदिर बनाने की तैयारी है। इसके आगे कब्रिस्तान है। यहां का दान पात्र सड़क के किनारे लगाकर पब्लिक से दान मांगा जा रहा है जो कि अतिक्रमण के दायरे में है। नगर निगम की हिम्मत दुकानदारों का अतिक्रमण हटाने की नहीं है तो अनाधिकृत तरीके से पनप रहे धार्मिक स्थलों की आड़ में चल रहे गोरखधंधे पर लगाने की उम्मीद करना ही बेईमानी है। 

‘सड़क के किनारे अनाधिकृत तरीके से पनप रहे धार्मिक स्थलों को हटना चाहिए। इसके लिए प्रशासन और पुलिस से समन्वय बनाने की जरूरत है। जहां नए धार्मिक स्थल बन रहे हैं, उन पर कार्रवाई कराई जाएगी।’ डा. शशांक विक्रम सिंह, उपाध्यक्ष बीडीए   
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें