बारिश रुकते ही मच्छराें ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। डेंगू के मरीज सामने आने लगे है। जिला अस्पताल में दूसरा मरीज डेंगू का पाया गया है। इसकी जांच में पुष्टि हुई है। हालांकि 31 अगस्त को ही मरीज ने अस्पताल से छुट्टी करा ली थी। वहीं आंवला, शाही और नवाबगंज में तीन बच्चाें की मौत संदिग्ध बुखार से हुई है। एक बच्चे ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सूफी टोला का रहने वाला माजिद हुसैन का 8 वर्षीय पुत्र मो. फैज को 29 अगस्त को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुखार के चलते इसकी डेंगू जांच कराई गई। जिसकी रिपोर्ट शुक्रवार देर शाम को आई। इसमें डेंगू की पुष्टि हुई है। माजिद ने इससे पहले ही अपने बेटे की अस्पताल से छुट्टी करा ली। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती बदायूं बिसौली के 12 वर्षीय सुरेंद्र की मौत हो गई है। वह बुखार से पीड़ित था।
- शाही के खजुरिया में मौत
शाही के खजुरिया में शेरसिंह के आठ साल के बेटे रवि कुमार की शुक्रवार को इलाज के दौरान मेडिकल कालेज में मौत हो गई। ग्राम प्रधान के पति, परिवार समेत कई घरों में 150 से ज्यादा लोग बीमार हैं। छह माह से सफाई कर्मचारी की तैनाती न होने से नालियों में कूड़ा-कचरा, गंदगी-कीचड़-बरसाती गंदे पानी के मच्छरों की फौज पल रहे हैं।
- हाफिजगंज में बच्ची की मौत
हाफिजगंज के गांव काशी धर्मपुर निवासी अजयपाल की पुत्री ततीशा (6) की उपचार के दौरान मौत हो गई। उसे आठ दिन से बुखार था। ग्रामीणों ने टीकाकरण व दवाई छिड़काव की मांग जिलाधिकारी को पत्र भेजकर की है।
- राजपुरा कलां में एक और मौत
आंवला तहसील क्षेत्र में तेज बुखार, वायरल और डेंगू के प्रकोप से लगातार ग्रामीणों की मौत का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को बरा सिरसा और गौंटिया गांव में 60 साल के लीलाधर की भी मौत हो गई। वह 15 दिन से बीमार थे। इस गांव में अब तक पांच लोग बुखार से दम तोड़ चुके हैं।