बरेली। शहर में डेंगू को लेकर प्राइवेट अस्पतालाें का कारोबार शुरू हो गया है। प्लेटलेट्स कम होने को ही डेंगू का कारण बताकर तमाम जांच कराई जा रही है और मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। ऐसे ही दो मामले जिला अस्पताल में आए। डॉक्टराें ने उन्हें डेंगू बताया था।
पुराना शहर के अफरोज मियां पांच दिन पहले एक निजी अस्पताल पहुंचे थे। उनके शरीर में लाल चकत्ते थे और प्लेटलेट्स 40 हजार थी। डॉक्टरों ने उन्हें डेंगू बताया और एक दिन भर्ती करने के साथ दो हजार रुपये की दवाएं लिख दी। अफरोज मियां ने एक दिन बाद अस्पताल से छुट्टी कराई और सीधे जिला अस्पताल चले गए। यहां जांच के बाद पता चला कि उन्हें मामूली बुखार था। इसी तरह बदायूं के रामनरेश की पत्नी वसुधा को भी डेंगू बताकर भर्ती किया गया। रामनरेश रुपये न होने का हवाला देकर मरीज की छुट्टी करा लाए। अब वसुधा का जिला अस्पताल में साधारण बुखार का इलाज चल रहा है।
सीएमओ के पास आई शिकायत
सीएमओ डॉ. विजय यादव ने कहा है कि डेंगू को लेकर शहर के प्राइवेट अस्पताल अफवाह न फैलाएं। कई मरीजाें ने शिकायत की है कि अस्पतालाें ने डेंगू के नाम पर दस हजार रुपये का इंजेक्शन लगा दिया है। जानकारी ली तो पता चला कि मरीज को बिना रिपोर्ट दिए ही इलाज किया गया था। सीएमओ ने इस संबंध में सभी अस्पतालाें को पत्र जारी कर डेंगू की सूचना स्वास्थ्य विभाग को देने को कहा है।
इस पर धान दें
प्लेटलेट्स कम होना डेंगू का लक्षण नहीं है। आईएमए के जिला अध्यक्ष डॉ. रवि खन्ना बताते हैं कि बिना एलाइजा टेस्ट के डेंगू की पुष्टि नहीं करनी चाहिए। कोई भी मामला ऐसा आए तो स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल सूचना दे। उन्हाेंने बताया कि शरीर में एक लाख से अधिक प्लेटलेट्स कम होती है। जब तक 20 हजार से कम न हों तब तक प्लेटलेट्स न चढ़ाए। अगर मरीज में इम्युनिटी कम है और कहीं से भी ब्लीडिंग हो रही है तो 30 हजार प्लेटलेट्स काउंट में भी चढ़ा सकते हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. वीके धस्माना कहते हैं कि अफरोज मियां और रामनरेश को प्लेटलेट्स कम होने पर ही डेंगू बता दिया गया। अफरोज के शरीर में लाल चकत्ते होने से कारण जताया गया होगा, जबकि उसका कोई एलाइजा टेस्ट नहीं हुआ था। फिजीशियन डॉ. अजय मोहन अग्रवाल बताते हैं कि जिनको डेंगू की बात बताई जाती हैं उनमें कभी हमारे यहां डेंगू नहीं निकलता।
खुद रखें ख्याल
साफ हो या गंदा किसी भी पानी का जमाव न होने दे। दिन में पूरी बांह के कपड़े पहने। मच्छरदानी और चादर का प्रयोग सोते समय करें। मच्छर भगाने की मशीन भी कमरे में लगा सकते हैं। कमर, पीठ, जोड़ो में दर्द, लाल चकत्ते हो तो सावधान हो जाएं। प्लेटलेट्स कम होने पर घबराएं नहीं, संपूर्ण आहार लें और डॉक्टराें से संपर्क करें।