बरेली। डेंगू की दहशत के बीच पीलीभीत के स्वास्थ्य विभाग ने 50 से ज्यादा मरीजों के ऐसे ब्लड सैंपल भेजे हैं जिनकी यहां मंडलीय चिकित्सालय में जांच नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि ज्यादातर सैंपल गलत तरह से प्रिजर्व किए जाने की वजह से खराब हो चुके हैं। कुछ सैंपल पर मरीजों के नाम तक नहीं डाले गए हैं। कई ऐसे भी केस सामने आए हैं जिनमें मरीजों को डेंगू बताया गया लेकिन जांच में उन्हें डेंगू नहीं निकला।
पीलीभीत जिला अस्पताल से हाल ही में करीब 50 ब्लड सैंपल जांच के लिए बरेली भेजे गए थे। इनमें कुछ को डेंगू बताकर भेजा गया लेकिन इन लोगों ने जब जिला अस्पताल में आकर जांच कराई तो उन्हें डेंगू नहीं निकला। पीलीभीत के स्वास्थ्य कर्मियों इस हद तक लापरवाही की कि कई सैंपल पर मरीजों के नाम ही नहीं डाले। इन सैंपलों को नष्ट करने के अलावा कोई चारा नहीं है। मंडलीय चिकित्सालय की लैब के सूत्रों के मुताबिक इन ब्लड सैंपलों को फ्लोराइड और एडीटीए में सॉल्यूशन में भेजा गया है जो पूरी तरह गलत है। इस पर मनाही है क्योंकि ऐसे सैंपलाें की जांच ही नहीं हो पाती। बुधवार को पीलीभीत की एक महिला भी यहां जिला अस्पताल पहुंची जिसे पीलीभीत अस्पताल में डेंगू बताया गया था लेकिन यहां जांच करने पर उसे डेंगू नहीं निकला। प्लेटलेट्स कम होने के कारण उसे भर्ती कर इलाज जरूर शुरू कर दिया गया।
बोले सीएमएस
मंडल के जिलों से सैंपल आते रहते हैं, उनकी जांच भी होती है लेकिन पीलीभीत से आए सैंपल में अनियमितता है, इसकी जानकारी अभी नहीं है। जानकारी होने पर ही कुछ कह सकूंगा।
-डॉ. टीएस आर्या, सीएमएस जिला अस्पताल, बरेली।