बरेली। दरगाह-ए-आला हजरत के सज्जादा नशीन मुफ्ती मोहम्मद अहसन रजा खां कादरी उर्फ अहसन मियां ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सैकड़ों साल पुरानी मस्जिदों और मजारों को अवैध करार देकर बुलडोज़र से जमींदोज कर रही है, जो निहायत अफसोसनाक है। यह सरासर नाइंसाफी है। अहसन मियां ने कहा कि अगर कोई शख्स अल्लाह के घर को बचाने के लिए आवाज उठाता है, तो उसे थाने में बुलाकर डराया-धमकाया जाता है और झूठे मुकदमे दर्ज करके जेल भेजा जाता है।
सज्जादानशीन ने कहा कि अगर वाकई इन्साफ की नियत है, तो उत्तर प्रदेश सरकार को चाहिए कि पूरे प्रदेश में सरकारी जमीनों का सर्वे करवाए। इससे पता चल जाएगा कि कितने धार्मिक स्थल किस तबके से ताल्लुक रखते हैं और किनका कब्जा वाकई अवैध है। अहसन मियां ने बताया कि मंगलवार को जिला रामपुर के पटवाई इलाके में एक और अफसोसनाक वाकया पेश आया, जहां एक सदियों पुरानी मस्जिद और मजार को जमींदोज कर दिया गया। उन्होंने सरकार से कहा कि इस तरह की ज्यादती और मजहबी भेदभाव को फौरन रोका जाए और हर तबके के साथ इंन्साफ किया जाए। साथ ही मुस्लिम कौम से अपील की है, कि वो सब्र और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात पुरजोर तरीके से उठाएं। संवाद