आंवला। सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू किए जाने के विरोध में तहसील के कातिब और वकील सोमवार को भी कार्य से विरत रहे। इसके कारण संपत्तियों की रजिस्ट्री पूरी तरह ठप रही। सोमवार को रजिस्ट्री आदि कार्य कराने के लिए पहुंचने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है। काम न होने पर लाखों रुपये के राजस्व घाटे का अनुमान लगाया गया है। अधिवक्ताओं और कातिबों का कहना है कि नई व्यवस्था से प्रदेशभर में लाखों कातिब, स्टांप वेंडर्स और जनसेवा केंद्र संचालकों का रोजगार प्रभावित होगा। बेरोजगारी का खतरा है। जनता के लिए रजिस्ट्री प्रक्रिया महंगी और जटिल हो सकती है। सरकार से इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की है। वकील और कातिब शुक्रवार से कार्य से विरत हैं। जनसेवा संचालक, टाइपिस्ट और स्टांप विक्रेताओं ने भी उनका साथ दिया है। इसमें कातिबगण एसोसिएशन के अध्यक्ष साबिर कातिब, साजिद हुसैन खां कातिब, अफसर खां, धर्मपाल, मोहम्मद रहीश, संतोष तिवारी और जलीस राजा, अवनीश तिवारी एडवोकेट आदि शामिल हैं।
फरीदपुर में भी काम न करने का किया एलानफरीदपुर। ई-रजिस्ट्री का विरोध करते हुए अधिवक्ताओं ने सोमवार को काम न करने का एलान किया। रजिस्ट्री कार्यालय गेट पर बेंच डालकर बंद कर दिया। हालांकि कुछ घंटे बाद वे काम पर लौट गए। सब-रजिस्ट्रार राहुल सिंह परमार ने बताया कि कुछ घंटे तक चले विरोध के बाद काम शुरू कर दिया सोमवार को 10 रजिस्ट्री हुई।