बरेली। प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति-जनजाति, लघु, सीमांत और महिला गन्ना किसानों की आय बढ़ाने व खेती की लागत कम करने के लिए योजना की शुरुआत की है। उप गन्ना आयुक्त (बरेली परिक्षेत्र) ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पात्र गन्ना किसानों को छोटे कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। मुख्य उद्देश्य सीमित संसाधनों वाले किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे श्रम लागत में कमी आए और गन्ना खेती अधिक लाभकारी व सुविधाजनक बन सके। योजना में कुल यंत्र वितरण का न्यूनतम 33 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से अनुसूचित जाति-जनजाति और महिला कृषकों के लिए सुरक्षित किया गया है। लाभ लेने के लिए किसान को संबंधित गन्ना समिति का सदस्य और नियमित आपूर्तिकर्ता होना आवश्यक है। वह समिति का बकायेदार भी नहीं होना चाहिए। पात्र किसानों को अधिकतम 5,000 रुपये तक के यंत्रों पर यह छूट मिलेगी, जिसमें 25 प्रतिशत खर्च गन्ना समिति और 25 प्रतिशत गन्ना विकास परिषद की ओर से उठाया जाएगा। इच्छुक किसानों को एसजीके पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन होगा। आवेदन के साथ पहचान पत्र, खतौनी, जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और फोटो जमा करना अनिवार्य है। जेम पोर्टल के जरिये खरीदे गए इन उच्च गुणवत्ता वाले यंत्रों का वितरण किसान मेलों और बैठकों में पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। लाभ पाने वाले किसान अगले पांच वर्षों तक दोबारा आवेदन नहीं कर सकेंगे।