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जेहन पर दिल्ली का तनाव.. मुस्लिम इलाकों में दुकानें बंद

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सैलानी में तैनात फोर्स। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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चप्पे-चप्पे पर पुलिस की गश्त के बीच शांति के माहौल में हुई जुमे की नमाज, मस्जिदों के पास नहीं इकट्ठी होने दी भीड़

बरेली। पुलिस और सुरक्षा बलों की शहर के चप्पे-चप्पे पर गश्त के बीच जुमे की नमाज पर दिल्ली का तनाव जरूर तारी रहा लेकिन शहर ने अमन और सद्भाव की परंपरा कायम रखी। सैलानी समेत कई मुस्लिम इलाकों में इस तनाव का एहसास वहां बंद रही दुकानों ने कराया। खुफिया सूचनाओं और शासन के निर्देशेों पर सतर्क फोर्स ने मस्जिदों के आसपास भीड़ इकट्ठी नहीं होने दी। पुलिस-प्रशासन के आला अफसर भी मैदान में दिखाई दिए।
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दिल्ली में बवाल के बाद संवेदनशील माने जाने वाले बरेली में भी जुमे की नमाज पर हाईअलर्ट जारी किया गया था। शुक्रवार को माहौल में इसका असर तो दिखाई दिया लेकिन शहर के आम जनजीवन पर इसका बहुत ज्यादा असर नहीं दिखा। जुमे की नमाज से पहले ही कमिश्नर रणवीर प्रसाद और डीआईजी राजेश कुमार पांडेय शहर का जायजा लेने निकले। पुराना शहर में मुस्लिम बहुल इलाकों का चक्कर लगाने के साथ दोनों अफसरों ने दूसरे जिलों के डीएम और एसपी से भी फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया। डीएम नितीश कुमार और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने शहर के संवेदनशील इलाकों में घूमते दिखे। फोर्स के ड्यूटी प्वाइंट चेक किए फिर काफी देर अयूब खां चौकी पर डेरा जमाए बैठे रहे। लोगों से बातचीत भी की। मेरठ से बुलाई गई आरएएफ की तैनाती कोतवाली और उसके आसपास के इलाकों में की गई थी। शहर के तंग रास्तों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस के साथ पीएसी को लगाया गया था।
पुलिस और पीएसी मस्जिदों के आसपास लगातार गश्त पर रही। मस्जिदों में नमाजियों के आने-जाने के दौरान कहीं भी उनकी भीड़ को रुकने नहीं दिया गया। मस्जिदों के गेट के पास ज्यादा गाड़ियां भी नहीं खड़ी होने दी गईं। इस बात का भी पूरा ख्याल रखा गया कि नमाजियों को कोई दिक्कत न हो। चौकी चौराहा मस्जिद के पास भी काफी संख्या में फोर्स तैनात रही। जामा मस्जिद और नौमहला मस्जिद में दूसरे दिनों के मुकाबले नमाजियों की ज्यादा भीड़ रही पर किसी तरह का व्यवधान नहीं हुआ।

सैलानी में खामोशी मगर आधा बाजार बंद

मुस्लिम बहुल पुराना शहर मेें शुक्रवार को सड़कों पर रौनक कम दिखी। यहां बाजार की बंदी गुरुवार को होती है मगर शुक्रवार को दोपहर के वक्त भी आधी से ज्यादा दुकानें बंद थीं। कुछ लोगों ने दुकानदारों के नमाज पढ़ने जाने को इसकी वजह बताया तो किसी ने बताया कि सीएए के विरोध के लिए बाजार बंद किया गया है। हालांकि कहीं न कोई प्रदर्शन हुआ न हंगामा।

बाजार में होली का रंग, कुतुबखाना में जाम में फंसे लोग

होली की खरीदारी के लिए निकले लोग बेफिक्र नजर आए। सड़कों से गुजरते अफसरों के काफिला और फोर्स की तैनाती देख एकबारगी चौंके जरूर, लेकिन जब यह पता चला कि दिल्ली की घटना को लेकर जुमा की वजह से अलर्ट है तो खरीदारी में व्यस्त हो गए। इस बीच बड़ा बाजार, कुतुबखाना मार्केट, किला बाजार में भारी भीड़ उमड़ी। इंदिरा मार्केट में भी लोगों ने कपड़ों की जमकर खरीदारी की। कई बार तो कुतुबखाना और कोहाड़ापीर रोड पर जाम की नौबत आ गई। ट्रैफिक और सिविल पुलिस को जाम खुलवाने में मशक्कत करनी पड़ी।
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बरेली रेंज के चारों जिलों में शुक्रवार को किसी विवाद की सूचना नहीं आई। सभी जगह पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने बेहतर समन्वय से काम किया। पब्लिक भी फिजूल की बातों में पड़कर नुकसान झेलना नहीं चाहती। सीएए के खिलाफ लोगों के दिमाग में पैदा किया गया डर अब निकल चुका है। - राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी

पूरे जिले में शुक्रवार की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से हो गई। कहीं किसी तरह का विवाद नहीं हुआ। पुलिस के साथ प्रशासन की टीम ने बेहतर तालमेल से काम किया। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
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