डेलापीर तालाब के सुंदरीकरण के नाम पर मिट्टी बेचने के मामले में नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने अब सख्त निर्णय लिया है। अमर उजाला ने एक माह पहले मिट्टी के इस खेल को उजागर किया था। नगर आयुक्त ने तालाब की खुदाई पर रोक लगाते हुए ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ये भी कहा है कि ठेकेदार के टेंडर निरस्त किए जाएं।
नगर निगम की ओर से डेलापीर तालाब के सुंदरीकरण के लिए पिछले महीने से खुदाई की जा रही है। अमर उजाला ने तालाब की खोदकर मिट्टी बेचने का मामला पिछले माह जोर शोर से उठाया था। क्षेत्रीय पार्षद शशी सक्सेना ने भी तालाब की मिट्टी बेचने को लेकर मेयर और नगर आयुक्त से आपत्ति दर्ज कराई थी। तालाब के सुंदरीकरण के लिए 14 लाख से ज्यादा का एस्टीमेट बनाया गया है। सुंदरीकरण की योजना में तालाब से कीचड़ और घास की सफाई करने के बाद चारों ओर पक्का फुटपाथ बनाया जाना है। तालाब के सुंदरीकरण का टेंडर ठेकेदार गुलाम गौस को मिला है। तालाब खोदकर रात में सैकड़ों ट्राली मिट्टी बेची जा चुकी है जिसका स्थानीय स्तर पर तगड़ा विरोध हो रहा था। नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने मामले का संज्ञान लेते हुए तालाब की खुदाई पर रोक लगाने के आदेश चीफ इंजीनियर को दिए। इसके साथ ही ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। टेंडर भी निरस्त होगा। हालांकि नगर आयुक्त के आदेश के बाद भी शुक्रवार को तालाब की खुदाई जारी थी। जेई कपिल मोहन ने बताया कि अभी उनको खुदाई रोकने का लिखित आदेश नहीं मिला है।
‘डेलापीर तालाब की खुदाई पर रोक लगा दी गई है। ठेकेदार समेत जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई होगी।’ सूरजपाल सिंह, चीफ इंजीनियर नगर निगम