Degree will not be sent in two days, then suspended
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की 2015 की डिग्रियां कॉलेज न भेजकर सीधे छात्रों को पांच-पांच सौ रुपये में देने के मामले को विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कुलसचिव ने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई है। कुलसचिव ने कहा कि दो दिन में सभी डिग्रियां कॉलेजों को नहीं भेजी गईं तो सस्पेंड कर दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय के गोपनीय विभाग ने 2015 की डिग्रियां कॉलेज न भेजकर सीधे छात्रों को देना शुरू कर दिया था। इसके एवज में पांच सौ रुपये लिए जा रहे थे जबकि विश्वविद्यालय डिग्री की फीस कॉलेज की फीस में ही जमा हो जाती है। मामला सामने आने के बाद कुलसचिव साहब लाल मौर्या ने विभाग की इंचार्ज विजय लक्ष्मी और अन्य कर्मचारियों को बुलाया और फटकार लगाई। कार्रवाई के लिए तीन विकल्प दिए, सस्पेंड किया जाए, फोर्सलीव पर भेजा जाए या फिर दूसरे विभाग में ट्रांसफर किया जाए। हालांकि विभाग की इंचार्ज विजय लक्ष्मी इसी दिसंबर में सेवानिवृत्त हो रही हैं इसलिए बड़ी कार्रवाई की जगह उन्हें चेतावनी दी गई कि दो दिन में कॉलेजों को डिग्रियां नहीं भेजी गईं तो सस्पेंड कर दिया गया जाएगा। कुलसचिव साहब लाल मौर्या ने बताया कि फिलहाल चेतावनी देकर छोड़ दिया है और डिग्रियां भेजने के लिए दो दिन का वक्त दिया गया है। यह भी निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी छात्र को सीधे डिग्री नहीं दी जाएगी।