निर्माणाधीन पुल की सर्विस रोड पर हुए गड्ढे भी दे रहे राहगीरों को दर्द
बरेली। चौपुला पर बन रहे फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने में नहीं आ रहा है। दूसरी तरफ ओवरब्रिज का भी बुरा हाल हो गया है। इस पुल पर आधा से एक फुट तक गहरे खतरनाक गड्ढे हो जाने से हादसों की आशंका बढ़ गई है। रफ्तर थोड़ी तेज हो तो गड्ढे में पहिया जाने से वाहनों के पलटने का खतरा है। वहीं निर्माणाधीन चौपुला पुल की सर्विस रोड के गड्ढे भी राहगीरों को दर्द दे रहे हैं। यहां भी दिन भर गड्ढों में अटकती हुई गाड़ियां पार होती हैं।
चौपुला ओवरब्रिज की हालत कुछ ही सालों में बेहद खराब हो गई है। यहां जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। ओवरब्रिज पर बदायूं की तरफ आने-जाने वाले वाहनों का काफी ट्रैफिक रहता है। दिल्ली रोड पर सिटी स्टेशन की तरफ इस ओवरब्रिज के छोर पर कई बड़े गड्ढे हो गए हैं। एक जगह पर दो से तीन मीटर तक पूरी सड़क ही उधड़ गई है। बजरी तक बाहर फैल गई है। ऐसे में ओवरब्रिज से तेज गति से वाहनों के उतरते वक्त इन गड्ढों की वजह से दुर्घटना होने का खतरा बढ़ गया है। आसपास के लोगों का कहना है कि गड्ढों की वजह से हर दिन बाइक व स्कूटी वालों के गिरने की घटनाएं होती हैं। रात में कार चालक भी ये गड्ढा न देख पाने से अनियंत्रित हो जाते हैं। मरम्मत न होने से गड्ढों का आकार रोजाना ही बढ़ता जा रहा है। पुल पर भी करीब आधा से एक फुट तक गड्ढे हो गए हैं। इससे खतरा बना हुआ है। यहां गड्ढे का आकार भी बढ़ ही रहा है। लोक निर्माण विभाग चीफ इंजीनियर देवेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही गड्ढे को भरवा दिया जाएगा।
सर्विस रोड बनाने की भी सुध नहीं
चौपुला फ्लाईओवर का निर्माण तो हो रहा है लेकिन इसकी सर्विस रोड पर हुए गड्ढों पर किसी का ध्यान नहीं है। सर्विस रोड उखड़ गई है। इसलिए यहां वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। सर्विस रोड पूरा उधड़ चुका है। उसमें जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। अब तक सर्विस रोड की मरम्मत नहीं कराई गई है। यहां एक तरफ नाले का निर्माण भी शुरू हो चुका है।
फिलहाल काम पूरा होने पर भी नहीं दौड़ेगा सेटेलाइट फ्लाईओवर पर ट्रैफिक
बरेली। सेटेलाइट फ्लाईओवर का काम अब अंतिम चरण में है। रेलिंग ब्लॉक जोड़ने का काम दोनों ओर लगभग पूरा किया जा चुका है। अक्तूबर के पहले सप्ताह तक पुल बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है, लेकिन ट्रैफिक चालू हो पाना मुश्किल दिख रहा है। सेतु निगम ने मार्च, 2019 में करीब 26 करोड़ की लागत से सेेटेलाइट फ्लाईओवर का निर्माण शुरू कराया था। बाद में बिजली लाइन और पोल शिफ्ट करने के लिए अलग से एस्टीमेट भेजा गया। चौराहे के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन को अब तक ऊंचा नहीं किया गया है। पॉवर कॉरपोरेशन को इस काम के लिए सेतु निगम को करीब 5.50 करोड़ रुपये देने हैं, लेकिन साल भर बाद भी शासन से इसकी मंजूरी नहीं मिल सकी है। सेतु निगम डीपीएम वीके सेन ने बताया कि पुल का काम तो अक्तूबर तक हरहाल में पूरा हो जाएगा, लेकिन पुल के ऊपर बिजली की लाइन कम से कम 10 मीटर ऊंची होनी चाहिए, जबकि अभी इसकी ऊंचाई सिर्फ साढ़े चार मीटर ही है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है।