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Bareilly News: निवेशकों के 500 करोड़ हड़पने के आरोपी शशिकांत, सूर्यकांत की गिरफ्तारी का रास्ता साफ

Tue, 14 Apr 2026 02:47 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। बदायूं, बरेली, पीलीभीत समेत कई जिलों के निवेशकों से 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम हड़पने के आरोपी अमर ज्योति कंपनी के निदेशक शशिकांत मौर्य और उसके भाई सूर्यकांत मौर्य की गिरफ्तारी पर दिए गए स्थगन आदेश को हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल को निरस्त कर दिया है। इससे आरोपियों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है।
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निवेशकों की ओर से बरेली कटरा चांद खां में स्थित आरोपियों के घर का घेराव और एसएसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद बरेली और बदायूं में दोनों के खिलाफ 10 से ज्यादा रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर गिरफ्तारी के लिए एसआईटी बना दी गई थी। सूर्यकांत भाजपा का महानगर अध्यक्ष था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भाजपा ने उसे निष्कासित कर दिया था।



आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट ने निवेशकों की रकम वापस करने की शर्त पर गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी आरोपियों ने निवेशकों के रुपये नहीं लौटाए। बदायूं कोतवाली में दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी को लेकर पीड़ितों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस पर कोर्ट ने स्थगन आदेश को निरस्त करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है।
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खुद को कस्टम अधिकारी बताकर वसूली करने का आरोपी बरी
बार-बार मौका दिए जाने के बाद भी अभियोजन ने पेश नहीं किए साक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। सिविल जज सीनियर डिवीजन (त्वरित न्यायालय) अंकिता चौधरी ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर वाहन चालक से वसूली करने के आरोपी बारादरी थाना क्षेत्र के नवादा शेखान निवासी विजेंद्र पाल सिंह को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
विजेंद्र पाल सिंह और हरूनगला निवासी छत्रपाल के खिलाफ तीन नवंबर 1999 को अजमल शाह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि वह कार से चालक पप्पू सिंह के साथ दिल्ली से असम जा रहा था। शाम पांच बजे पीलीभीत बाइपास पर दो लोगों ने कार रोक ली। खुद को कस्टम अधिकारी बताकर कार सीज करने की धमकी दी। पांच हजार रुपये मांगे। आरोपियों ने उससे 1,050 रुपये ले लिए। इसी दौरान पुलिस आ गई और विजेंद्र को पकड़ लिया। विवेचना के बाद पुलिस ने जनवरी 2002 में चार्जशीट दाखिल कर दी। जून 2007 में विजेंद्र सिंह पर आरोप तय किए गए।
छत्रपाल का नाम पत्रावली से पृथक कर दिया गया। सुनवाई के दौरान बार-बार बार मौका दिए जाने के बाद भी अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में साक्ष्य पेश नहीं किए। कोर्ट ने दो अप्रैल को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित कर लिया था। बृहस्पतिवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी को बरी कर दिया।
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पति पर दुष्कर्म का आरोप लगा मुकरी पीड़िता, आरोपी बरी
बरेली। पति पर दुष्कर्म और फिर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला बयान से मुकर गई। एसीजेएम (कक्ष संख्या-पांच) सुमित कुमार ने आरोपी पति को दोषमुक्त करार दिया है। प्रेमनगर थाने में एक महिला ने फरवरी 2024 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह मोहल्ले के पास बाइक मैकेनिक की दुकान चलाने वाले व्यक्ति से अपनी स्कूटी ठीक कराती थी। मैकेनिक ने एक दिन उसे नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना की तो पता चला कि आरोपी ही महिला का पति है। मामला दहेज उत्पीड़न का निकला। आरोपी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष दहेज उत्पीड़न के साक्ष्य भी नहीं दे सका। आरोप लगाने वाली महिला ने कहा कि पति के साथ उसके मतभेद थे। मोहल्ले के लोगों के बहकावे में उसने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पति ने उसका कोई उत्पीड़न नहीं किया। संवाद
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