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Bareilly News: दशकों पुरानी मशीनें खस्ताहाल, धीमी पेराई से किसान परेशान

Sun, 14 Dec 2025 01:56 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बहेड़ी/देवरनियां। जिले की एकमात्र किसान सहकारी चीनी मिल खस्ताहाल पुरानी मशीनों से जूझ रही है। इस वजह से पेराई की गति की धीमी है। परेशान किसानों को होना पड़ रहा है।
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सेमीखेड़ा चीनी मिल की स्थापना वर्ष 1982 में हुई थी। 1984 से गन्ना पेराई का काम शुरू किया गया। शुरुआत में चीनी मिल की क्षमता 1200 टीसीडी थी। 1994-95 में इसे बढ़ाकर 2750 टीसीडी कर दिया गया। इसके बाद से चीनी मिल में लंबे समय तक मशीनरी अपग्रेड नहीं हुई।
पुराना सिस्टम होने की वजह से बार-बार पेराई ठप हो जाती। 2024 में 43.58 करोड़ रुपये से कुछ काम कराया गया मगर, यह काफी नहीं है। यहां नया प्लांट लगाने की आवश्यकता है। तत्कालीन जीएम शादाब असलम ने इस संबंध में प्रयास भी किए, मगर प्रस्ताव पर अमल से पहले ही उनका तबादला हो गया। इसके बाद प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई।
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इस सत्र में भी पेराई धीमी गति से की जा रही है। बार-बार फॉल्ट की वजह से भी पेराई प्रभावित होती है। 10 नवंबर को पेराई सत्र शुरू होने के बाद से दो बार डीएम भी औचक निरीक्षण करके निर्देश दे चुके हैं, मगर पेराई की गति नहीं बढ़ पा रही।
पेराई का लक्ष्य घटाया
मशीनों की खस्ताहाल दशा की वजह से इस वर्ष सिर्फ 35 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य है। यह पिछले साल की तुलना में तीन लाख क्विंटल कम है। पिछले वर्ष दिसम्बर में शादाब असलम खां के तबादले के बाद यहां किसी प्रधान प्रबंधक (जीएम) की तैनाती नहीं की गई है। पूर्व में यहां चीफ केमिस्ट रह चुके किशनलाल ही संविदा पर जीएम का पदभार संभाल रहे हैं। मिल से उड़ने वाली राख से भी लोग परेशान हैं।
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वर्जन :

चीनी मिल की दशा सुधारने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही इस संबंध में डीएम से भी मुलाकात की जाएगी। - सत्यपाल गंगवार, उपसभापति
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