अंतिम पैमाइश कर नगर पालिका को सौंपा गया तालाब, अब होगा सौंदर्यीकरण
बहेड़ी। कस्बे के बीचोंबीच स्थित धोबी तालाब का एक दशक पुराना विवाद बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया। एसडीएम के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम ने तालाब की अंतिम पैमाइश की। इसके बाद तालाब की भूमि को विधिवत रूप से नगर पालिका परिषद को सुंदरीकरण के लिए सौंप दिया गया। अब नगर पालिका जल्द ही तालाब के सौंदर्यीकरण और संरक्षण का कार्य शुरू करेगी।
यह तालाब लंबे समय से कब्जेदारों के अधीन था। प्रशासन ने पहले भी कई बार अतिक्रमण हटवाया था। करीब एक साल पहले तालाब की भूमि पर मिट्टी पाटने का काम शुरू होने से विवाद और गहरा गया था। मामला न्यायालय के आदेश के बाद भी उलझा रहा। शुरुआती दौर में तत्कालीन एसडीएम न्यायिक ने एक आदेश पारित किया था। इस आदेश में तालाब के पीछे की जमीन धोबी तालाब के नाम पर दर्शाई गई थी, जबकि सड़क से लगा कीमती हिस्सा काश्तकारों को दे दिया गया था। इस आदेश में अनियमितता की बात सामने आई थी।
मौजूदा अधिशासी अधिकारी शशि प्रभा चौधरी ने इस आदेश को चुनौती देते हुए एसडीएम और जिले के उच्चाधिकारियों को लिखित आपत्ति भेजी थी। उनकी आपत्ति के बाद तत्कालीन एसडीएम इशिता किशोर ने पुराने आदेश को निरस्त कर पुनः पैमाइश के आदेश दिए थे।
इसी क्रम को अंतिम रूप देने के लिए बृहस्पतिवार को एसडीएम गोपाल शर्मा ने राजस्व विभाग की नई टीम बनाई। टीम ने मौके पर सभी संबंधित पक्षों, काश्तकारों और नगर पालिका की टीम को बुलाया। राजस्व टीम ने नाप-जोख की और कुर्रे बंटवारे किए। पैमाइश और बंटवारे पर सभी पक्षों ने अपनी सहमति जताई। एसडीएम गोपाल शर्मा ने कहा कि नायब तहसीलदार की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया हुई।
वर्जन
राजस्व विभाग की टीम को सभी पक्षों की मौजूदगी में पैमाइश और कुर्रे बंटवारे के आदेश दिए गए थे। नायब तहसीलदार की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया हुई। अब जल्द ही धोबी तालाब का पालिका प्रशासन सौंदर्यीकरण करेगा।
- गोपाल शर्मा एसडीएम बहेड़ी।