दुष्कर्म के आरोपी चिन्मयानंद की जमानत के लिए 8 नवंबर को हाईकोर्ट में बहस पूरी होने के बाद फैसला होना है। उनके नजदीकी और अनुयायियों को उम्मीद है कि बहस के बाद चिन्मयानंद को जमानत मिल सकती है। उनकी रिहाई के लिए विशेष दुआएं की जा रही हैं।
पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद पर एलएलएम की छात्रा से दुष्कर्म का आरोप है। इस पूरे मामले की जांच कर रही एसआईटी ने 20 सितंबर को उन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह जेल में हैं। चिन्मयानंद की जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी लगाई जा चुकी है।
पिछली तारीख पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें पेश की थीं, जिन्हें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने बहस पूरी करने और फैसले के लिए 8 नवंबर की तारीख तय कर दी थी।
30 अक्तूबर को चिन्मयानंद की सीजेएम कोर्ट में पेशी थी। मगर आंख का इलाज कराने के लिए केजीएमसी लखनऊ जाने की वजह से उनकी पेशी नहीं हो पाई थी। सीजेएम कोर्ट ने भी उनकी रिमांड पेशी के लिए 8 नवंबर की तारीख तय की है। मुमुक्षु आश्रम में बने मंदिर में चिन्मयानंद के अनुयायी विशेष दुआएं कर रहे हैं।