एसपी राजेश एस. ने बताया कि छात्र खुद गिरा या किसी ने धक्का दिया, इस बिंदु पर जांच की जा रही है। छात्र के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
कैमरे खराब होने पर चचेरे भाई ने खड़े किए सवाल
कुशाग्र के चचेरे भाई सूरज प्रताप सिंह ने बताया कि तीन महीने पहले बरेली जाते समय यहां रुककर कुशाग्र से मिलने आए थे, तब चौकीदार ने सीसीटीवी कैमरे लगे होने की बात कहकर अंदर जाने से रोक दिया था।
इसके बाद उसे हॉस्टल से बाहर बुलाया था। एक होटल पर उसे खाना खिलाया था। उस समय कैमरे ठीक थे। फिर अचानक खराब कैसे हो गए। उन्होंने सोची-समझी साजिश के तहत कुशाग्र की हत्या का आरोप लगाया है।
पोस्टमार्टम हाउस पर आए परिजनों के अनुसार, रात करीब साढ़े नौ बजे पिता अजय कुमार सिंह से कॉल पर कुशाग्र ने बात की थी। तब उसने हल्का खांसी-जुकाम होने की बात बताई थी।
साढ़े पांच फुट की हैं दीवारें
सूरज ने बताया कि हॉस्टल में साढ़े पांच फुट की दीवारें हैं। वहां से कूदकर अथवा धक्का देकर गिराया जा सकता है। उन्हें सरकार, विधायक, सांसदों व जिला स्तरीय अधिकारियों से ईमानदारी से कार्य करने की उम्मीद है। बताया कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से गड़बड़ लग रहा है। बिजनेसमैन लोगों ने कॉलेज बनाया है। उन्हें इससे लेना-देना भी नहीं है। शव लाने के लिए एंबुलेंस भेजी गई, वह भी तुरंत वापस भेजने का दबाव बनाया जा रहा है।