बरेली। रोजा जंक्शन पर बुधवार शाम ट्रेन की चपेट में आकर पांच लोगों की मौत के बाद एक बार फिर सुरक्षा-संरक्षा को लेकर जिम्मेदार सक्रिय हो गए हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए बृहस्पतिवार को अभियान चलाया गया। दूसरी ओर लोग जान जोखिम में डालकर पटरियां पार करते रहे। यह शॉर्टकट जानलेवा साबित हो सकता है।
जिले के किसी भी रेलखंड पर कोई मानव रहित क्रॉसिंग नहीं है। व्यस्त क्रॉसिंग वाले स्थानों पर अंडरपास बनाए जा चुके हैं। शहर में सिटी श्मशान भूमि, डीआरएम और रेलवे कारखाना क्रॉसिंग पर अंडरपास का निर्माण चल रहा है। इसके बावजूद हर माह पटरियां पार करते समय औसतन पांच हादसे हो रहे हैं। इनमें दो लोगों की जान जा रही है।
जीआरपी और आरपीएफ के आंकड़ों की मानें तो इससे इतर हर माह औसतन एक व्यक्ति पटरियों पर आत्महत्या भी कर रहा है।
जंक्शन पर ही तमाम सुरक्षा बंदोबस्त के बावजूद लोग एक से दूसरे प्लेटफाॅर्म पर जाने के लिए फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करने के बजाय जल्दबाजी में पटरियां पार कर निकलते हैं। ऐसे में अक्सर हादसे हो जाते हैं। पिछले सप्ताह ही जीआरपी सिपाही ने एक यात्री की जान बचाई थी। संवाद