बरेली। पार्क की जमीन पर अतिक्रमण करके गोशाला संचालित करने के मामले में बीडीए की ओर से गोशाला संचालक को 15 अगस्त तक की मोहलत दी गई है। इस अवधि में अवैध निर्माण न हटाने पर फिर कार्रवाई की जाएगी।
यहां करीब 35 गाय पाली जा रही हैं। इन्हें कहां रखा जाएगा, इसको लेकर संशय है। वहीं, गोशाला के संचालक संजीव गौड़ का आरोप है कि उन्हें नोटिस दिए बिना ही बीडीए ने कार्रवाई की है। नोटिस कार्रवाई के बाद उन्हें डाक के जरिए शाम को मिला।
पार्क पर कब्जे का मामला 2010 से चल रहा है। अवैध निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण ने पांच अगस्त 2010 को सुनवाई के बाद ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए थे। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। 27 नवंबर 2017 को कोर्ट ने संजीव को चार हफ्ते के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन उसे नहीं हटाया गया।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद कृष्णा विहार कॉलोनी के निवासियों की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बीडीए उपाध्यक्ष और सचिव को नोटिस जारी किए थे। 14 जुलाई 2026 को अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली विकास प्राधिकरण को पुलिस और प्रशासन के सहयोग से हर हाल में ध्वस्तीकरण आदेश का पालन कराने के कड़े निर्देश दिए।
इसके बाद मंगलवार को यहां बुलडोजर चलाया गया। अब निर्माणकर्ता संजीव और उनके पुत्र देवेश ने बीडीए अधिकारियों से 15 अगस्त तक का समय मांगा, ताकि वे स्वयं भवन खाली कर सकें।