जिस महिला की मौत जून में हो चुकी है उसे जिंदा दिखाकर लेखपाल ने उसके परिवार को इलाज के लिए दो लाख रुपये की आर्थिक मदद की सिफारिश कर दी। इस पर सीएमओ के यहां से रिपोर्ट मांगी गई तो सच सामने आ गया। इस रिपोर्ट को देखकर प्रशासनिक अधिकारी हैरत में पड़ गए। एडीएम सिटी ने सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम सदर से लेखपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सुभाषनगर की गोेल्ड जिम रेलवे पुलिया निवासी राधेश्याम की पत्नी कैंसर रोग से पीड़ित थी। आर्थिक तंगी का उल्लेख करते हुए उन्होंने करीब छह महीने पहले पत्नी का इलाज कराने के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद मांगी थी। उन्होंने इसके साक्ष्य बतौर लखनऊ के डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहे इलाज के पर्चे भी लगाए थे। जिसमें पांच लाख रुपये खर्च होने का एस्टीमेट था। जिलाधिकारी ने इस आवेदन को सीएम विवेकाधीन कोष से आर्थिक मदद की सिफारिश करने का फैसला लिया था। डीएम के निर्देश पर लेखपाल ने तहसीलदार और एसडीएम के माध्यम से नौ अगस्त 2016 को भेजी रिपोर्ट में कहा कि महिला को कैंसर है और उसके इलाज के लिए दो लाख रुपये की सिफारिश की जाती है। उनकी यह रिपोर्ट बीमारी की पुष्टि के लिए सीएमओ को भेजी गई। इस मामले में सीएमओ के स्तर से महिला के पति राधेश्याम से जानकारी की तो पता चला कि उनकी पत्नी की इसी साल 10 जून को कैंसर की बीमारी के कारण मौत हो गई। इसकी तस्दीक के लिए सीएमओ आफिस का स्टाफ भी गया। सीएमओ कार्यालय के स्टाफ को राधेश्याम ने बताया कि उनके यहां जांच के लिए कोई नहीं आया। मृतका के पति और आसपास के लोगों से पुष्टि करके रिपोर्ट सीएमओ और एडीएम सिटी को सौैंप दी। इस मामले को एडीएम सिटी ने गंभीरता से लिया है। उनका कहना है कि इससे स्पष्ट होता है कि लेखपाल ने कार्यालय या फिर घर पर बैठकर बिना तथ्य जाने रिपोर्ट लगा दी। इस मामले में लेखपाल से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। उसी के बाद गलत रिपोर्ट के मामले में कार्रवाई की जाएगी।
‘यह गंभीर मामला है। ऐसे मामले में दोषी लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई होगी। फिलहाल तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। भविष्य में इस तह की पुनरावृत्ति न हो, इस बारे में सभी तहसीलों कोे निर्देश दिए जा रहे हैं।’
-गौैरव दयाल, डीएम