'ऐसे लोगों को जुलूस में शामिल न होने दें'
फतवे में यह भी कहा गया है कि इस तरह के गैर शरई काम करने वाले अपने गुनाहों से तौबा करें। नाजायज और हराम काम से दूरी बनाए रखें। अगर ऐसे लोग बाज न आए तो मुसलमान ऐसे लोगों को हरगिज अपने धार्मिक जुलूसो में शिरकत न करने दें। अगर कोई शख्स जबरदस्ती डीजे लेकर आता है तो उसको जुलूस से बाहर कर दें।
मौलाना बोले- दुनिया को दें अमन-शांति का पैगाम
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने फतवे से अलग एक बयान में कहा कि जुलूस ए मोहम्मदी बहुत पाकीजा दिन है। उस दिन पूरी दुनिया को पैगंबर-ए-इस्लाम के अमन व शांति वाले पैगाम को दुनिया के सामने पहुंचाया जाना चाहिए। कोई भी कार्य ऐसा न करें जो नाजायज व हराम हो। मौलाना ने कहा कि रोड पर डीजे की वजह से न सिर्फ आम लोगों को परेशानी होती है बल्कि घर में मरीज को बेहद तकलीफ झेलनी पड़ती है।