कालागढ़ से पांच हजार क्यूसेक पानी रामगंगा और एक लाख क्यूसेक कोसी नदी में छोड़ा गया
बरेली। भारी बारिश के बाद नदियां उफनाने लगी हैं। इससे नदियों के कि नारे तमाम गांवों में कृषि और आबादी वाले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। जिला प्रशासन ने कोसी नदी में एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की वजह से फरीदपुर और मीरगंज में नदी के आसपास के कुछ इलाकों के प्रभावित होने की आशंका जताई है। बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
बाढ़ खंड विभाग के एक्सईएन राजीव कुमार ने बताया कि दो दिन तक तेज बारिश के बावजूद रामगंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे है। मंगलवार को रामगंगा में जलस्तर 159.87 मीटर दर्ज हुआ है। 163 मीटर तक जलस्तर पर पहुंचने पर खतरे की आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि कालागढ़ से मंगलवार को पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी मिली है। हालांकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन कोसी नदी से करीब एक लाख क्यूसेक पानी बरेली जिले में बुधवार को पहुंचने की आशंका है। नदी जिन इलाकों से गुजर रही है वहां अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी बैराज खोल दिए गए हैं। बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं।
उन्होंने आशंका जताई कि कोसी नदी का पानी भी आगे जाकर रामगंगा में ही मिलेगा। इसके बाद रामगंगा नदी का बहाव की ओर कुछ दूरी तक कटान हो सकता है। लोगों से नदी के पास नहीं जाने का सुझाव दिया है।