बरेली। डोहरा रोड से केसरपुर तक जाने वाली सड़क पर बना पुल छोटी बहगुल नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जलधारा में समा गया है। इस पुल पर लोगों की आवाजाही रोकने के लिए ग्रामीणों ने दोनों छोर पर रस्सी बांधने के साथ ही पेड़ के तने काटकर डाल दिए हैं। इससे वाहनों की आवाजाही तो थम गई है मगर, लोग जान जोखिम में डालकर पैदल गुजर रहे हैं।
सिंघाई मुरावान और गुलरिया गांव के बीच मौजूद पुल बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ते ही पानी में डूब जाता है। इसके कारण रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है। केसरपुर से बरेली जाने के लिए यह प्रमुख मार्ग है।
पुल डूबने के बाद लोगों को करीब 10 किलोमीटर की ज्यादा दूरी तय करके दूसरे रास्ते के जरिये गांव तक पहुंचना पड़ता है। समय भी अधिक लगता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से यहां नया पुल बनाने की मांग की जा रही। अब तक सुनवाई नहीं हुई है।
जलभराव के कारणों की जांच कराने की मांग : बरेली। ब्रह्मपुरा पूर्वी व संजयनगर क्षेत्र में बार-बार होने वाले जलभराव को लेकर निर्दलीय पार्षद जयप्रकाश राजपूत ने बृहस्पतिवार को सीएम को पत्र प्रेषित किया। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच कराकर जलभराव के कारण तलाशने व उनका निदान करने की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि क्षेत्र में जलाशय व प्राकृतिक जल निकासी मार्ग की भूमि के स्वरूप में परिवर्तन या अतिक्रमण जलभराव की बड़ी वजह हो सकता है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में पार्षद ने पुराने गाटा-खसरा, खतौनी, बंदोबस्त अभिलेख व राजस्व नक्शों का वर्तमान स्थिति से मिलान कराने की मांग की है।