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उत्तराखंड बॉर्डर पर दिनभर वसूली के बाद शाम को चला डंडा, तीन दलाल गिरफ्तार

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उत्तराखंड बार्डर पर वाहनों की चेकिंग करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बकौल एसडीएम- बार-बार फोन किया कार्यवाहक थाना प्रभारी को फिर भी करते रहे टालमटोल
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शाम को कप्तान से शिकायत के बाद स्वस्थ होकर लौटे इंस्पेक्टर ने छापा मारकर की कार्रवाई

बहेड़ी। इंस्पेक्टर के संक्रमित होकर कोविड अस्पताल में भर्ती होने के बाद चंद दिनों के लिए थाने की कमान क्या हाथ में आई, बहेड़ी के एसएसआई की अनदेखी ने उत्तराखंड बॉर्डर पर लूट मचवा दी। ई पास के नाम पर लोगों की जेबें खाली कराने का ये सिलसिला मंगलवार को भी सुबह से शाम तक जारी रहा। बकौल एसडीएम, इस बीच उन्होंने कई बार एसएसआई को फोन कर बॉर्डर पर वसूली का खेल बंद कराने को कहा लेकिन वह टालमटोल करते रहे। शाम को एसएसपी से डांट पड़ने के बाद भी कार्रवाई तब हुई जब स्वस्थ होकर इंस्पेक्टर थाने लौटे। इसके बाद पुलिस ने बॉर्डर पर बनाए गए अवैध ई पास सेंटरों पर छापा मारकर तीन दलालों को गिरफ्तार कर लिया।
योगी सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी लेकिन उत्तराखंड बॉर्डर पर पुलिस की सरपरस्ती में दलालों ने उनसे जमकर वसूली कर डाली। दरअसल 18 जुलाई को बहेड़ी के इंस्पेक्टर पंकज पंत के कोरोना संक्रमित होकर अस्पताल में भर्ती होने के बाद ये अवैध सेंटर बॉर्डर पर शुरू कराए गए थे। तभी से यूपी-उत्तराखंड के बीच आवाजाही करने वाले लोगों से इन सेंटरों पर मुफ्त जारी होने वाले ई पास के बदले सौ रुपये की वसूली कर रहे थे। रक्षाबंधन पर आवाजाही बढ़ी तो ई पास का रेट बढ़ाकर तीन सौ रुपये कर दिया गया। सोमवार को रक्षाबंधन पर यहां 15 से ज्यादा अवैध ई पास सेंटर लगे हुए थे जिन पर दिन भर महिला-पुरुषों से वसूली की गई। वैसे तो यहां पुलिस भी तैनात की गई है लेकिन वसूली के इस खेल के दौरान पुलिस भी गायब हो गई।
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मंगलवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद दस से ज्यादा दलाल तो बॉर्डर पर अपने सेंटर से सारा सामान समेटकर चलते बने लेकिन पांच काउंटरों पर वसूली का खेल पूरे दिन चला। यहां ड्यूटी पर तैनात एक दरोगा, दो पुरुष और दो महिला सिपाही भी शाम चार बजे तक नजर नहीं आए। इस बीच मुख्यालय से एसएसपी शैलेश पांडेय ने तो बहेड़ी पुलिस की डांट लगाई ही, एसडीएम राजेश चंद्र ने भी कार्यवाहक इंस्पेक्टर के बतौर काम कर रहे एसएसआई वेद प्रकाश को कई बार फोन कर वसूली बंद कराने को कहा लेकिन पुलिस इसकी अनसुनी करती रही। शाम को स्वस्थ होकर फिर चार्ज संभालते ही इंस्पेक्टर पंकज पंत ने तीन जीपों में फोर्स लेकर बॉर्डर पर छापा मारा। पुलिस को देख दलाल हाथों में लैपटॉप और प्रिंटर समेत अपना सारा सामान बटोरकर खेतों में भाग निकले। तीन दलालों को पुलिस ने दबोचकर थाने ले आई। इंस्पेक्टर ने इसके बाद बॉर्डर चौकी पर तैनात पूरा स्टाफ भी बदल दिया। अब वहां यूपी 112 की गाड़ी भी तैनात रहेगी।

एसडीएम बोले- दिन भर फोन करता रहा एसएसआई ने फिर भी नहीं की कार्रवाई

बहेड़ी एसडीएम राजेश चंद्र के मुताबिक मंगलवार को वह नगर पंचायत फरीदपुर में थे। उन्होंने कार्यवाहक थानाध्यक्ष वेदप्रकाश को कई बार फोन करके बॉर्डर पर लगे अवैध सेंटरों पर कार्रवाई करने को कहा लेकिन वह हर बार थोड़ी देर में कार्रवाई करने की बात कहकर उन्हें टालते रहे। शाम तक कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई। शाम को पुलिस ने कार्रवाई की।

दलाली के खेल में उत्तराखंड पुलिस को भी उलझाने की कोशिश, दौड़ाए गए

बॉर्डर पर ई पास के तीन सौ रुपये बचाने के लिए मंगलवार को काफी लोग हाईवे के पास जंगल के रास्ते पैदल निकल पड़े। अवैध सेंटरों पर ई पास के नाम पर उगाही कर रहे दलालों ने अपना नुकसान होते देखा तो उनकी शिकायत करने उत्तराखंड पुलिस के पास पहुंच गए। उत्तराखंड पुलिस ने आम लोगों की आवाजाही तो बंद नहीं कराई लेकिन दलालों को लाठी चलाकर दौड़ा दिया।

ज्यादा किराया वसूली पर पांच ई रिक्शा भी पकड़े

रक्षाबंधन के अगले दिन बहनों के लौटने का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान डग्गामार और ई रिक्शा चालकों ने भी जमकर सवारियों से मनमानी वसूली की। शाम को इंस्पेक्टर ने छापा मारा तो मनमाना किराया वसूलते पांच ई रिक्शा चालकों को पकड़ लिया। बाद में माफी मांगने पर उन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया।

पकडे़ गए लोगों से पूछताछ की जाएगी कि किसके आदेश पर उन्हें तीन दिन ठगी करने का मौका मिला। सभी पर सख्त कार्रवाई होगी। फरीदपुर से लौटकर ठगों से पूछताछ की जाएगी। - राजेश चंद्र, एसडीएम बहेड़ी

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बॉर्डर की चौकी का पूरा स्टाफ बदल दिया गया है। तीन लोगों को मय सामान के हिरासत में भी लिया है। अगर कोई भी इस तरह ठगी करते हुए आगे पकड़ा गया तो रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। - पंकज पंत, इंस्पेक्टर बहेड़ी

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