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'गांव में रहना मुश्किल': अनुसूचित जाति के परिवार पलायन पर अड़े, दूसरे समुदाय के लोगों पर लगाया ये आरोप

Thu, 14 Sep 2023 11:55 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

पीड़ित लोगों ने कहा कि गांव में रहना मुश्किल हो गया, इसलिए वह सामान साथ लेकर गांव से निकल गए। कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इस पर पुलिस सक्रिय हुई और लोगों को समझाकर उन्हें लौटाया। 
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पीड़ित लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के शीशगढ़ थाना क्षेत्र में ग्राम पंचायत लखीमपुर के मजरा मीरपुर में ग्राम प्रधान के पति और दूसरे समुदाय के लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर अनुसूचित जाति के लोगों ने गांव छोड़ दिया। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने समझाकर उन्हें लौटाया। एसएसपी ने शीशगढ़ थाने के इंस्पेक्टर को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 

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पीड़ित पक्ष ने बताया कि ग्राम प्रधान का पति और दूसरे समुदाय के लोग उन्हें प्रताड़ित करते हैं। गांव से भगाने के लिए वे आए दिन जान से मारने की धमकी देते हैं। घर से निकलने पर परिवार की महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती। 

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उन्होंने कहा कि गांव में रहना मुश्किल हो गया, इसलिए वह सामान साथ लेकर गांव से निकल गए। कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। गोरक्षा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष विपिन गंगवार ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसे पोस्ट कर दिया। वीडियो उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो पुलिस हरकत में आई। इस बीच वह लोग लोग भी थाने पहुंच गए।

पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया तो वह लोग लौट गए। थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि गांव में दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। चार दिन पहले भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। गांव छोड़ने का मामला आया है। जांच की जा रही है।

ग्राम प्रधान बोलीं, बना रहे दबाव

ग्राम प्रधान ने बताया कि कुछ समय पहले गांव के चार लोगों ने बेटे की पिटाई की थी। इस पर उन्होंने एससी/एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस पर दबाव बनाने के लिए आरोपियों के पक्ष में अनुसूचित जाति के कुछ लोग यह सब साजिश कर रहे हैं। 

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वहीं, गांव के हेमंत गंगवार का कहना है कि विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाकर उन्होंने डीएम से शिकायत की थी। इससे गुस्साईं ग्राम प्रधान ने हमारे खिलाफ झूठा मुकदमा लिखवा दिया। अब जब उनसे प्रताड़ित होकर कुछ लोगों ने गांव छोड़ दिया तो इसका आरोप भी वह हमारे ऊपर लगा रही हैं।
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