कैंट में चल रही सभी डेयरी आबादी वाले इलाके से हटवाई जाएंगी। इसके लिए नोटिस जारी हो चुकी है। 15 दिन बाद इन्हें हटवाने के लिए अभियान चलेगा। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कैंट बोर्ड ने पुलिस बल की मांग की है।
कैंट इलाके को साफ सुथरा और हरा भरा बनाए रखने के लिए डेढ़ दशक पूर्व प्रयास किए गए थे। इसी क्रम में 2004 में तत्कालीन सीईओ ने आबादी वाले इलाके से डेयरियों को हटाने की योजना बनाई थी। इसके लिए ठिरिया रोड पर गोेकुल नगरी बसाई गई और सभी डेयरियों को वहां मुफ्त जगह भी दी गई। कुछ समय बाद एक-एक करके डेयरियां फिर से शहरी इलाकों में चलने लगीं। उधर, डेयरी स्वामियों ने गोकुल नगरी की जमीन पर कब्जा बनाए रखते हुए आबादी में भी कारोबार शुरू कर दिया। कैंट बोर्ड की जानकारी के अनुसार इस समय लगभग दो दर्जन डेयरियां आबादी वाले इलाके में चल रही हैं।
कैंट बोर्ड के सीईओ के लौहवुम ने इस पर संज्ञान लेते हुए डेयरी स्वामियों को आबादी वाले इलाके से डेयरियां हटाने का नोटिस दिया, साथ ही डेयरियों के खिलाफ अभियान चलाने का कार्यक्रम तय करते हुए पुलिस विभाग से फोर्स भी मांगा है। फिलहाल इन दिनों नवरात्र व मुहर्रम के चलते पुलिस प्रशासन ने 2 अक्तूबर के बाद फोर्स उपलब्ध कराने की बात कही है।
सेनेट्री इंस्पेक्टर मनोज तिवारी ने बताया कि फोर्स उपलब्ध न हो पाने के कारण आबादी से डेयरियां हटाने का अभियान 5 अक्तूबर के बाद चलाया जाएगा। डेयरी स्वामियों को 15 दिन का समय और दे दिया गया है जिससे वह खुद अपनी डेयरी हटा कर गोकुल नगरी पहुंच जाएं।