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पापा! मुझे यहां से निकाल लो.. ये अस्पताल वाले मार डालेंगेे

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कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : demo photo
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संक्रमित की 10 जुलाई को पिता से हुई थी बात, 18 जुलाई को मिली मौत की सूचना

बरेली। कोविड मरीजों के इलाज में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। शुक्रवार को एक संक्रमित युवक का ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें वह अपने पिता से अस्पताल में खाना और पानी न मिलने की शिकायत करते हुए उनसे घर ले जाने की बात कह रहा है। रोते हुए वह अस्पताल के स्टाफ से कहता है कि इन हालात में तो वह मर जाएगा। अस्पताल का स्टाफ उसे ढांढस बंधाने के बजाय बेशर्मी से यह कहते सुनाई पड़ता है कि मर जाओ। हफ्ते भर बाद ही युवक की मौत हो गई। पिता ने शासन से शिकायत कर मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। शासन ने सीएमओ को जांच के आदेश दिए हैं।
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बहेड़ी के मल्लपुर के रहने वाले ग्रामीण के मुताबिक आठ जुलाई को उनके बेटे में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। नौ जुलाई को उसे कोविड एल-2 अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 10 जुलाई की दोपहर बेटे ने उन्हें कॉल कर अस्पताल में अव्यवस्थाओं की जानकारी दी थी। पिता और बेटे की बातचीत का ऑडियो अब वायरल हुआ है। इसमें संक्रमित बेटा अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा रहा है कि उसे उसे 24 घंटे से खाना और पीने तक नहीं दिया गया है। स्टाफ से गुजारिश की तो वह फटकार रहे हैं। अस्पताल में तमाम मरीजों को स्वस्थ होने के बावजूद जबरन आईसीयू में भर्ती किया जा रहा है। बातचीत के दौरान ही युवक ने एक स्टाफ से डिस्चार्ज कर होम आइसोलेट करने की मांग की तो उसने इनकार कर दिया। युवक ने अव्यवस्थाओं के बीच रहने पर मर जाने की बात कही तो स्टाफ ने कह दिया मर जाओ..। 50 मिनट की इस रिकॉर्डिंग में युवक स्टाफ से लगातार गुजारिश कर रहा है। उसके रोने की भी आवाज आ रही है। 18 जुलाई को उसकी मौत की सूचना दी गई। पिता ने शासन से शिकायत की तो अब मामले की जांच शुरू हो गई है।

इस प्रकरण की शिकायत हुई है। आरोप बेहद गंभीर हैं। इनकी जांच कराई जा रही है। अस्पताल प्रबंधन के साथ ही, युवक के परिजन से भी पूछताछ की जाएगी। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ

संक्रमण के फैलाव का पता लगाएगी टीम

बरेली। तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए अब शासन ने संक्रमण का दायरा पता करने की कवायद शुरू की है। बरेली में भी संक्रमण का फैलाव पता करने के लिए शासन से टीम आएगी। इसके तहत एक निर्धारित क्लस्टर में कितने संक्रमित हैं, इसकी रैंडम सैंपलिंग होगी। रैपिड टेस्ट किट से एंटीबॉडी की जांच की जाएगी। इस बाबत एडीएम (सिटी) महेंद्र कुुमार ने सीएमओ को पत्र लिखा है। ब्यूरो
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