दोबारा मैसेज आने पर डीएम को किया कॉल
उन्होंने बिना छानबीन किए उस खाता नंबर पर 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके कुछ देर बाद उनके नंबर पर एक और मैसेज आया। जिसमें लिखा गया कि 50 हजार रुपये और भेजें। जब यह मैसेज उन्होंने पढ़ा तो वह हैरान रह गए। फिर उन्होंने तत्काल डीएम निधि श्रीवास्तव को कॉल की और मैसेज के बारे में जानकारी की। यह सुनकर डीएम भी हैरान रह गईं। उन्होंने किसी प्रकार का मैसेज भेजने से इन्कार किया तो तहसीलदार सदर को ठगी का पता चला।
सदर तहसीलदार ने तुरंत साइबर थाना पुलिस को सूचना दी। साइबर थाना पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई। इस छानबीन के दौरान पता चला कि जिस व्हाट्सएप नंबर से तहसीलदार सदर के पास मैसेज भेजा गया। वह बेंगलुरू का है। थाना पुलिस ने रुपये वापस कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सदर तहसीलदार बोले- जल्दबाजी में ट्रांसफर कर दिए थे रुपये
तहसीलदार सदर सुरेंद्र सिंह का कहना है कि जिस समय यह मैसेज आया था। उस दौरान वह कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था में लगे थे। बहुत शोर शाराबा हो रहा था। उनका ध्यान कांवड़ियों की तरफ ज्यादा था। इससे वह व्हाट्सएप नंबर पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाए। जब उन्होंने मैसेज पढ़ा तो रुपये ट्रांसफर कर दिए। हालांकि जब बाद में दूसरा मैसेज आया तो उन्होंने डीएम को कॉल करके जानकारी की और फिर बाद में साइबर थाना पुलिस से शिकायत की।