एसएसपी कार्यालय में की शिकायत, साइबर सेल को सौंपी गई जांच
बरेली। साइबर ठगों ने सुर्खा, प्रेमनगर निवासी प्रोफेसर नरेश कुमार के खाते से 20 हजार रुपये उड़ा लिए। साइबर ठग ने उनके बेटे को प्रतिदिन चार घंटे काम करके महीने में 17 हजार रुपये वेतन देने का झांसा दिया था।
मुरादाबाद के निजी विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रोफेसर नरेश कुमार ने बताया कि उनका बेटा रवि प्रकाश 12वीं पास है। उसने गूगल पर वर्क फ्रॉम होम के लिए एक वेबसाइट देखकर अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर भर दिया। इसके बाद साइबर ठग ने उसे फोन किया और प्रतिदिन चार घंटे डाटा एंट्री का काम करके महीने में 17 हजार रुपये वेतन देने का झांसा दिया। इसकी रजिस्ट्रेशन फीस 49 रुपये बताकर व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा। बेटे ने उस लिंक पर बैंक अकाउंट और एटीएम कार्ड की जानकारी भर दी। इसके बाद उसकी पुष्टि के नाम पर साइबर ठग ने ओटीपी भेजकर तीन बार में 20 हजार रुपये उनके खाते से उड़ा लिए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने बाकी रुपये दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद साइबर ठग ने दोबारा फोन करके रुपये वापस करने का झांसा दिया। उसने कहा कि जो रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर किए हैं, वे दोबारा इस खाते में मंगाओ तभी हम आपके रुपये वापस कर सकेंगे। मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो बाकी रुपये बच गए। शुक्रवार को एसएसपी ऑफिस में मामले की शिकायत सीओ दिलीप कुमार से की गई तो उन्होंने इसकी जांच साइबर सेल को सौंपी है।
गूगल पर फर्जी नंबरों की भरमार, रहें सतर्क
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर विनय ऋषिवाल के मुताबिक गूगल पर फर्जी हेल्पलाइन नंबरों और नौकरी की फर्जी वेबसाइट की भरमार है। किसी भी नौकरी के बारे में जानकारी मिलने पर संबंधित कंपनी में बात जरूर करें। ध्यान रखें कि कोई भी कंपनी नौकरी देने के एवज में रुपये नहीं लेती है। अगर सरकारी नौकरी का झांसा दिया जाए तो रोजगार दफ्तर से संपर्क करें। साथ ही किसी भी वेबसाइट पर काम करने के दौरान यह जरूर जांच लें कि उसके एड्रेस में एचटीटीपी के बाद एस लिखा है या नहीं। अगर एस अक्षर नहीं लिखा है तो सतर्क हो जाएं, वह वेबसाइट फर्जी हो सकती है।