आवेदन स्वीकार होने के बाद उन्हें रजिस्ट्रेशन नंबर मिल गया। उन्हें रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने के लिए मुंबई की एक बैंक का खाता नंबर दिया गया। आरिफ ने उस खाते में 49,500 रुपये भेज दिए। कंपनी के टेलीफोन नंबर पर बात करने पर विपिन गुप्ता नाम के युवक ने बताया कि पांच लाख रुपये और खाते में डालने पड़ेंगे। इसके बाद ही माल मिलना शुरू होगा।
आरिफ को संदेह हुआ तो वह बताए गए पते पर मुंबई पहुंचे। वहां उन्हें कोई ऑफिस नहीं मिला। मुंबई से लौटकर उन्होंने साइबर क्राइम की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराई। अब कैंट पुलिस ने मामला दर्ज किया है।