बरेली। बरेली में साइबर क्राइम थाना खोलने की कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब अफसरों शासन का लिखित आदेश मिलने का इंतजार है। थाने के भवन निर्माण में तो वक्त लगेगा, लेकिन वैकल्पिक तौर पर पुलिस लाइन में इसे शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस थाने में मंडल के सभी चारों जिलों के साइबर क्राइम की विवेचना और निस्तारण किया जाएगा।
लखनऊ में दो दिन पहले हुई कैबिनेट की बैठक में कई मंडल मुख्यालयों पर साइबर क्राइम थाने खोलने की घोषणा की गई। बरेली भी इनमें शामिल है। हालांकि अभी तक पुलिस विभाग के अधिकारियों को थाने के निर्माण के संबंध में लिखित आदेश नहीं मिला है, लेकिन माना जा रहा है कि एक दो दिन में आदेश आ जाएंगे। थाने के भवन निर्माण के लिए बरेली शहर और उसके आसपास के इलाके में जमीन तलाशी जा रही है। भवन निर्माण होने तक थाना पुलिस लाइन में शुरू करने के मुद्दे पर डीआईजी और एसएसपी के बीच वार्ता हुई है।
यहीं ट्रांसफर होंगे मंडल के सभी जिलों के केस
- साइबर क्राइम से जुड़े मामले इस थाने में सीधे दर्ज किए जा सकेंगे। वहीं मंडल के सभी जिलों के थानों में दर्ज साइबर क्राइम के केस भी यहां ट्रांसफर किए जाएंगे। पुलिस विभाग के अपेक्षाकृत युवा और तकनीकी रूप से दक्ष स्टाफ को इस थाने में तैनाती दी जाएगी। उनकी मदद के लिए साइबर एक्सपर्ट और संबंधित संसाधन भी मुहैया कराए जाएंगे।
- साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों की वजह से इस तरह के थाने की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। इससे काफी राहत मिलेगी। फिलहाल पुलिस लाइन में थाना शुरू करा दिया जाएगा। इसके निर्माण और अन्य बिंदुओं पर शासन से निर्देश मिलने का इंतजार है। - राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी