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Bareilly News: जीवन प्रमाणपत्र अपडेट करने के नाम पर पेंशनर से ठगी, साइबर ठग ने खाते से निकाले 25 लाख रुपये

Thu, 11 Dec 2025 06:31 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में जीवन प्रमाणपत्र अपडेट करने के नाम पर पेंशनर से 25 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। इसके अलावा साइबर ठगी के तीन और मामले दर्ज हुए हैं। इनमें अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगी की गई है। 
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Cyber crime - फोटो : Freepik
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विस्तार
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बरेली में पेंशनर का जीवन प्रमाणपत्र अपडेट करने के नाम पर उनके खाते से 25 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट कराई है। इज्जतनगर की डिफेंस कॉलोनी निवासी अनंत कुमार ने साइबर थाना प्रभारी दिनेश शर्मा को बताया कि वह पेंशन ले रहे हैं। एक दिसंबर को अनिल शर्मा नाम बताकर किसी ने उन्हें कॉल की। 

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अनिल ने खुद को सरकारी सेवा से जुड़ा बताकर अनंत कुमार का जीवन प्रमाणपत्र अपडेट करने के लिए कहा। कुछ देर बाद ओटीपी भेजकर खाते से 25 लाख रुपये निकाल लिए। जब अनंत कुमार को इस धोखाधड़ी के बारे में पता चला तो वह थाने पहुंचे। इसके बाद साइबर क्राइम थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। थाना प्रभारी ने बताया कि संबंधित मोबाइल नंबरों व खातों की जांच की जा रही है।

निर्मला से हुई पांच लाख की ठगी
इज्जतनगर के मठ कमलनैनपुर निवासी निर्मला गंगवार ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि किसी ने फर्जी यूपीआई बनाकर उनके खाते से 5,98,400 रुपये निकाल लिए। इस दौरान उनसे न तो कोई ओटीपी मांगा गया, न ही कोई कॉल आई। साइबर क्राइम थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है।
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क्रेडिट कार्ड से रुपये निकाले
किला क्षेत्र के खन्नू मोहल्ले में रहने वाली जीवन हीमोफीलिया जनकल्याण समिति की अध्यक्ष रेखा रानी ने किला थाना प्रभारी सुभाष सिंह को बताया कि उनके क्रेडिट कार्ड से एक फर्जी कंपनी ने 64,686 रुपये निकाल लिए। रेखा की शिकायत पर किला थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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फेसबुक पर दोस्ती, ट्रेडिंग लिंक भेजकर पांच लाख की ठगी
बहेड़ी के मोहल्ला जाजूनगर निवासी दिलीप कुमार से फेसबुक पर एक युवती ने दोस्ती करके पांच लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दिलीप कुमार ने साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह को बताया कि युवती ने पहले फेसबुक पर उनसे दोस्ती की। कुछ दिनों तक सामान्य चैट के बाद युवती ने उन्हें ज्यादा लाभ का झांसा देकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। दिलीप ने अनभिज्ञता जताई, लेकिन युवती ने इसे पूरी तरह कानूनी और सुरक्षित बताकर भरोसे में ले लिया। 21 से 25 सितंबर के बीच उन्होंने आठ ट्रांजेक्शन के जरिये पांच लाख रुपये भेज दिए। उन्हें ऑनलाइन इसकी रसीद भी मिली।

निवेश के बाद किसी तरह का मुनाफा नहीं मिलने पर उन्होंने दोबारा युवती से संपर्क करना चाहा तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। अभी तक किसी आरोपी का कोई पता नहीं चल सका है, न ही रकम वापस मिली। दिलीप कुमार ने पत्र के साथ बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजेक्शन के विवरण संलग्न किए हैं। इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
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