योगेंद्र कुमार का नाम और उसके पिता का नाम आधार कार्ड पर सही है, लेकिन बरेली का फर्जी पता लिखकर यहां की बैंकों में कई खाते खुलवाए गए। इनमें से 11 खातों की जानकारी पुलिस को मिली है। इनमें दो करोड़ की रकम आने के साथ ही तेजी से निकासी का भी रिकॉर्ड है। करीब 6.50 लाख रुपया दो खातों में बचा है। उसी को लेने के लिए यह लोग आए थे और बहस करने लगे।
एसपी सिटी ने बताया कि यूपी में जड़ें जमा चुके गिरोह का संचालन हरियाणा के फरीदाबाद से किया जा रहा है। पूछताछ के आधार पर फरीदाबाद, हरियाणा के सौरभ शर्मा और राज राजपूत के नाम प्रकाश में आए हैं। पांच अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्दी ही कई और खुलासे हो सकते हैं।