फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: साइबर अटैक ने अटका दी 10 हजार विधवाओं की पेंशन, अब नए सिरे से करना होगा आवेदन

Thu, 05 Dec 2024 10:33 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली जिले में करीब 10 हजार विधवाओं की पेंशन अटक गई है। इसकी वजह साइबर अटैक बताई गई है, जिससे विभाग के पोर्टल से इन महिलाओं का डाटा डिलीट हो गया है। 
विज्ञापन
Cyber Attack - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साइबर हमले में महिला एवं बाल कल्याण विभाग के पोर्टल से बरेली जिले की 10 हजार विधवाओं का डाटा डिलीट हो गया। इस वजह से उनको पेंशन नहीं मिल पा रही है। वे विभाग के चक्कर काट रही हैं। अब पेंशन के लिए उनको नए सिरे से आवेदन करना होगा।

विज्ञापन


महिला एवं बाल कल्याण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक करीब ढाई माह पहले हुए साइबर हमले में प्रदेशभर की करीब तीन लाख लाभार्थियों का डाटा पोर्टल से डिलीट कर दिया गया था। इसमें बरेली की भी 10 हजार लाभार्थी शामिल हैं। जब पेंशन की किस्त उनके खातों में नहीं पहुंची तो महिलाएं विभाग के चक्कर काटने लगीं। मुख्यालय तक बात पहुंची तो इसकी जानकारी हुई।

ये भी पढ़ें- बरेली हादसा: गूगल मैप पर आंख बंदकर न करें भरोसा, 10 दिन के अंदर हुई दूसरी घटना; बरतें ये सावधानी
विज्ञापन


जिला प्रोबेशन अधिकारी मोनिका राणा के मुताबिक मुख्यालय से खाता रिकवर कराने की पहल की गई, पर ऐसा नहीं हो सका। लाभार्थियों से दोबारा ऑनलाइन आवेदन कराया जा रहा है।

विज्ञापन

घर खर्च का जरिया थी पेंशन, अब हो रही दिक्कत
पुराना शहर निवासी लाभार्थी साधना अग्रवाल के मुताबिक पेंशन से घर खर्च चलता था। जुलाई के बाद जब खाते में पेंशन नहीं पहुंची तो उन्होंने विभाग से संपर्क किया। तब डाटा डिलीट होने का पता चला। दोबारा पंजीकरण कराने के साथ ही आधार कार्ड से लिंक बैंक खाता देना होगा। इसके तीन माह बाद खाते में पेंशन आएगी। 

बीते दिनों कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन भी कर चुकी हैं महिलाएं
विधवा पेंशन न मिलने पर जगतपुर की विमला देवी, प्रियंका सक्सेना, शीला देवी, शांति, विद्या समेत दो दर्जन लाभार्थियों ने पूर्व में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन भी किया था। उन्होंने विभाग के कर्मचारियों द्वारा सही जानकारी नहीं देने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की थी। जांच में पता चला कि इनमें से कई के खाते डिलीट हुए हैं तो कई के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें