समाज कल्याण विभाग की राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में पकड़े गए 118 फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र का मामला दबाने की कोशिशें तहसीलों से ही हो रही हैं। मामले के खुलासे के दो महीने बाद भी डीएम के आदेश पर संबंधित तहसीलों के एसडीएम जांच नहीं कर पाए हैं। इससे नाराज डीएम ने एसडीएम को रिमाइंडर जारी करके सप्ताह भर में जांच रिपोर्ट मांगी है।
इन फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्रों को सही करार देने की मुहर तहसीलों से ही लगाई गई थी। ऐसे में, जिम्मेदारी से बचने के लिए मामले को रफादफा करने की कोशिशें होने लगी हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी एके सिंह के यह बताने पर कि उपजिलाधिकारियों ने रिपोर्ट नहीं सौंपी है, डीएम संजय कुमार ने संबंधित तहसीलों के एसडीएम से फोन पर बात करके नाराजगी जताई और सप्ताह भर के अंदर हर हाल में जांच रिपोर्ट देने के कड़े आदेश दिए।
क्या है मामला
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के फार्मों की जांच में दो महीने पहले समाज कल्याण विभाग ने 118 फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र पकड़े। यह फार्म के साथ लगाए गए थे। यह जिले की फरीदपुर, मीरगंज और बहेड़ी तहसीलों के हैं। समाज कल्याण अधिकारी ने बीडीओ से इनकी जांच कराई तो खुलासा हुआ कि यह प्रमाणपत्र ग्राम पंचायत अधिकारियों ने जारी ही नहीं किए। इसके बाद इनके फार्म निरस्त कर दिए गए और मामले की जांच शुरू करा दी गई।
तहसील और फर्जी मामले
मीरगंज- 70
बहेड़ी- 16
फरीदपुर- 32
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वर्जन...
संबंधित तहसीलों के एसडीएम को डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अब डीएम ने एसडीएम को रिमाइंडर दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-एके सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी