बरेली। स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार हैंडीक्राफ्ट को बढ़ावा देेने के लिए अर्बन हाट में चल रहा मंडलीय सरस मेला समूह संचालकों के लिए इस बार भी मायूसी भरा है। मेला शुरू हुए तीन दिन हो गए, लेकिन अधिकतर स्टाल सूने हैं। महंगे उत्पाद होने के कारण ग्राहक हैंडीक्राफ्ट खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। अब समूह संचालक आस लगाए हैं कि शायद मेले के आखिर में कुछ बिक्री का ग्राफ बढ़ जाएगा।
मंडलीय सरस मेले में इस बार 123 स्टाल लगे हैं, जिसमें कुछ स्टाल दूसरे प्रदेश के हैं। अधिकतर स्टॉल कपड़े, चादर, सजावटी सामान, खाने-पीने की वस्तुएं, फर्नीचर, मूर्ति के हैं। स्वयं सहायता समूह को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रहीं योजनाओं की जानकारी देने के लिए प्रतिदिन गोष्ठियां भी हो रही हैं, लेकिन ग्राहकों को खींचने में मेला कामयाब नहीं हो पा रहा है। सहारनपुर से फर्नीचर का सामान बेचने आए मोहसिन कहते हैं कि अब तक सिर्फ दो सेट ही बिके हैं। ग्राहक ज्यादा दिलचस्पी नहीं ले रहे। मूर्तियों का स्टाल लगाए देहरादून के अरुण कहते हैं कि पहली बार मेले में आएं हैं। ग्राहक तो आ रहे हैं, लेकिन खरीदारी कम ही कर रहे हैं। कपड़ों का स्टाल लगाए बिहार के सलीम कहते हैं पूरे दिन में दो चार ग्राहक भी नहीं आए। उम्मीद है कि मेले के आखिर में ग्राहक आएं। अधिकतर स्टाल सूने रहे। समूह संचालकों का कहना है कि हाथ से बने उत्पाद कुछ महंगे पड़ते हैं, लेकिन इनकी गुणवत्ता अच्छी होती है। उत्पाद महंगे होने के कारण भी ग्राहक खरीदारी नहीं कर रहे।
आनन-फानन में हुए इंतजाम, प्रचार भी नहीं हुआ ज्यादा
मंडलीय सरस मेले के आयोजन में विकास भवन की अहम भूमिका है। स्वयं सहायता समूह को आनन-फानन में बुलवाया गया। मेले को लेकर ज्यादा प्रचार भी नहीं हुआ। शायद यही कारण है कि मेले को लेकर शहर में ज्यादा क्रेज देखने को नहीं मिल रहा है।