बरेली। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार प्रयोग कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए श्री गुरु नानक रिक्खी सिंह गर्ल्स कॉलेज को राज्यस्तरीय आर्थियन पर्यावरण मित्र पुरस्कार से नवाजा गया है। पिछले दिनों लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार से नवाजे जाने पर प्रधानाचार्य डॉ. रचना अरोड़ा ने कॉलेज के सभी स्टाफ को बधाई दी।
उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार के लिए कॉलेज के दो प्रोजेक्ट को काफी सराहा गया, जिसमें जैव विविधता और जल स्टेनेबिलिटी शामिल हैं। शिक्षिका ममता त्रिपाठी और डॉ. रश्मि जौहरी के निर्देशन में छात्रा पूजा, आयुषी, आरती, सोनम, अरीबा, इलमा, सान्या, सबा, इरम ने ये प्रोजेक्ट बनाया है। बताया कि इससे पहले कॉलेज को राष्ट्रीय स्तर पर अहमदाबाद में कार्तिकेय साराभाई की ओर से यह पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।
पौधों को संरक्षित कर रही ‘प्लास्टिक’
यूं तो प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बेहतर खतरनाक है लेकिन नवाचार प्रयोग के तहत रिक्खी सिंह गर्ल्स कॉलेज में इसे पौधों के संरक्षण के लिए प्रयोग किया जा रहा है। प्लास्टिक के बहिष्कार करते हुए कॉलेज में फूलों की क्यारियां प्लास्टिक की बोतलों से बना ली हैं। साथ ही, सभी छात्राओं और स्टाफ ने कॉलेज में प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। प्रिंसिपल ने बताया कि प्लास्टिक को बाहर फेंकने से वे नाले, नालियों को चोक करेंगे। इसलिए पौधों को संरक्षित करने के लिए ईंट के बजाय प्लास्टिक बोतल क्यारियां बनाने में प्रयोग की हैं।