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तीन माह बाद मार्गी हो रहे गुरु पूरी करेंगे मनोकामना

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बरेली। तीन माह तक वक्री रहे देवगुरु बृहस्पति 12 अगस्त से मार्गी हो गए हैं। गुरु की चाल बदलने से ज्योतिषाचार्य वृष राशि वालों के लिए लाभकारी और कर्क के लिए कष्टकारी मान रहे हैं। सूर्य, बुध, शुक्र पर गुरु के भाव अच्छी बारिश के संकेत दे रहे हैं। उनके मुताबिक सौम्य ग्रह माने जाने वाले गुरु के मार्गी होने के बाद पाप ग्रहों की क्षमता कम हो जाती है। परिस्थितियां अनुकूल होने से कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल होती है।
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ज्योतिषाचार्य पं. विकास उपाध्याय के मुताबिक मार्गी गुरु धार्मिक कार्य, बौद्धिक क्षमता, पद-प्रतिष्ठा, मान-सम्मान के कारक माने जाते हैं। बताया कि गुरु धनु राशि में 29 मार्च को आए और 10 अप्रैल को वृश्चिक राशि में वक्री हुए थे। तीन महीने के वक्रत्व के बाद 12 अगस्त की सुबह 7.42 बजे वृश्चिक राशि में ही मार्गी हो चुके है। उन्होंने बताया कि गुरु की पांचवीं दृष्टि से मीन, सातवीं से वृष, नवीं से कर्क राशि में मौजूद सूर्य बुध, शुक्र तीन ग्रहों को देखना शुभ माना जाता है। सर्वार्थ सिद्धि योग में गुरु का मार्गी होना सकारात्मक परिणाम देनेे वाला माना जा रहा है। गुरु के मार्गी होते ही व्यापार और सराफा बाजार पर अच्छा असर होने के संकेत हैं।
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राशियों पर प्रभाव
मेष- मानसिक तनाव, नया काम शुरू कर सकते हैं।
वृष - आर्थिक लाभ और मित्रों का सहयोग मिलेगा।
मिथुन - दुश्मनों से सावधान रहें, गुरु का पूजन करें।
कर्क - मानसिक तनाव, परिश्रम के बाद सफलता।
सिंह - आर्थिक मजबूती के संकेत, लाभ के आसार।
कन्या - परिस्थिति से समझौता कर धन लाभ के संकेत।
तुला - संपत्ति में विस्तार, परिश्रम से सफलता मिलेगी।
वृश्चिक - तनाव मिटेगा, परिवार में अच्छे संबंध बनेंगेे।
धनु - वाहन, भूमि खरीदने से भाग्य परिवर्तन का योग।
मकर - संपत्ति विवाद सुलझने और तरक्की के असार।
कुंभ - आर्थिक लाभ मिलेगा और नया काम शुरू करें।
मीन - विद्यार्थियों का भाग्योदय, मान, सम्मान में वृद्धि।
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