चित्रों से बयां किए हौसले.. मौका मिले तो छू लेंगे आसमां
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। आज हर क्षेत्र में बेटियां कामयाबी के शिखर पर हैं, लेकिन तमाम ऐसी प्रतिभाशाली बेटियां भी हैं जो मौका न मिल पाने की वजह से आगे नहीं बढ़ पाती हैं। उनको खुले आसमान में उड़ने का मौका मिले तो वह भी कामयाबी की नई इबारत लिख सकती हैं। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत गुरुवार को पीलीभीत बाईपास स्थित पद्मावती एकेडमी में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें छात्राओं ने चित्रों के माध्यम से अपने सपने बयां किए। अधिकतर ने यही संदेश दिया कि अवसर मिले तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं।
प्रतियोगिता में सौ से ज्यादा छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रथम स्थान पाने वाली वंशिका ने अपने चित्र के जरिये दर्शाया कि आज भी बेटियों को पढ़ने की आजादी नहीं मिलती। माता-पिता बेटियों को पढ़ाने के साथ आगे बढ़ने के लिए आजादी भी दें। दूसरा स्थान पाने वाली फराह ने खुले आसमान में उड़ती एक बेटी का चित्र बनाया। आगे बढ़ने के लिए हर क्षेत्र खुला है बशर्ते वहां तक जाने के लिए आजादी मिले। यशप्रीत, पर्ल, ज्योति ने भी अपने चित्रों में सामाजिक सोच और बेटियों के हौसले दर्शाए। गांव में बेटियां आज भी स्कूल नहीं जा पाती जबकि गांवों में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं। विजेता छात्राओं को एकेडमी के चेयरमैन पारुष अरोड़ा ने अमर उजाला की ओर से सर्टिफिकेट प्रदान किए। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के बारे में छात्राओं के बताया। कहा कि अमर उजाला ने बेटियों को जागरूक करने के लिए शानदार मुहिम शुरू की है।
विजेता
प्र्रथम : वंशिका कक्षा पांच
द्वितीय : फराह कक्षा दो
तृतीय : यश प्रीत कक्षा पांच
सांत्वना पुरस्कार : पर्ल, और ज्योति पटेल