बरेली। रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने भोपतपुर से बीसलपुर तक निरीक्षण किया। 37 किलामीटर के इस रूट पर भोपतपुर में एक प्वाइंट पर पटरी टेड़ी मिलने पर फटकार लर्गाई। अब सिर्फ सीआरएफ की रिपोर्ट का इंतजार है, इसके बाद पीलीभीत से बीसलपुर तक नई ब्राडगेज लाइन पर ट्रेनें दौड़नी शुरू हो जाएंगी।
पीलीभीत-शाहजहांपुर रूट पर 30 मई, 2018 को मीटरगेज की ट्रेनों का संचालन बंद करके बाद आमान परिवर्तन का काम शुरू किया गया था। पीलीभीत से बीसलपुर सेक्शन का निरीक्षण करने सीआरएस सोमवार को पहुंचे। सोमवार को पीलीभीत से भोपतपुर तक निरीक्षण किया था। पहले दिन खासतौर से उन्होंने असम हाईवे के पुल की ऊंचाई और चौड़ाई कम होने पर भविष्य में दिक्कत सामने आने की बात कही थी। मंगलवार को सीआरएस सुबह करीब 09:45 बजे स्पेशल ट्रेन से भोपतपुर पहुंचे। वहीं पर प्वाइंट का गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान प्वाइंट की पटरियों में टेड़ापन मिलने पर उन्होंने माप कराई। मेन लाइन के मुख्य प्वाइंट में कमी मिलने पर उन्होंने अधिकारियों की फटकार भी लगाई और उसे दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीआरएस को एक जगह पटरी के नीचे कम पत्थर पड़े होने का शक हुआ। उन्होंने तत्काल मोटर ट्रॉलियों को रुकवाया और अधिकारी से पत्थर की गहराई चेक कराई। पत्थर सिर्फ 37 एमएम मिले, जबकि मानक के अनुरूप कम से कम 150 एमएम होना चाहिए। इसका सुधार करने का निर्देश दिया। रास्ते में उन्होंने अंडरपास, क्रॉसिंग, पुल, हाल्ट का निरीक्षण किया। दोपहर 02:50 बजे बीसलपुर पहुंचे। यहां करीब दो घंटे पैनल रूम, रिले कक्ष आदि का निरीक्षण किया। शाम पांच बजे स्पीड ट्रायल के लिए सीआरएस स्पेशल ट्रेन 110 की स्पीड से दौड़ी।
पूजन के बाद चलाई ट्रायल स्पेशल
मोटर ट्रॉली से भोपतपुर और बीसलपुर के बीच 17 किलोमीटर का निरीक्षण करने के बाद सीआरएस ने बीसलपुर स्टेशन का निरीक्षण किया। इसके बाद स्पीड ट्रायल की बारी आई। बरेली से आए आचार्य रामचंद्र भारद्वाज ने विधि-विधान से पूजा अर्चना कराई। पहले डीआरएम ने नारियल फोड़ा। इसके बाद अन्य अधिकारियों ने पूजा अर्चना करने के बाद नारियल फोड़े, इसके बाद ट्रेन रवाना हुई।
खाने के दौरान ठेकेदार से भिड़े पुलिस कर्मी
सीआरएस निरीक्षण के दौरान ठेकेदार की ओर से खाने की व्यवस्था की गई थी। खाना शुरू होते ही कर्मचारी और कुछ अन्य लोग पंडाल में घुस गए। इससे खाना खत्म हो गया। कोतवाली पुलिस भी आ गई। ठेकेदार ने खाना खत्म होने की बात कही। इसके बाद एक सिपाही ठेकेदार से भिड़ गया। बाद में अन्य पुलिस कर्मियों के समझाने पर मामला शांत कराया जा सका।
दो दिन के निरीक्षण में व्यवस्थाएं करीब-करीब ठीक मिली हैं। कुछ खामियां मिलीं, उन्हें दूर कराने के निर्देश दिए गए हैं। असम हाईवे का पुल ट्रेन चलाने के लिए सही है। - दिनेश कुमार सिंह, प्रबंधक, इज्जतनगर रेल मंडल