रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) पूर्वोत्तर परिमंडल प्रभात कुमार बाजपेई ने भोजीपुरा-पीलीभीत के बीच बने नए ब्राडगेज ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ाने को हरी झंडी दे दी है। शुरू में ट्रेनों की स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। सीआरएस की रिपोर्ट मिलते ही गोरखपुर मुख्यालय और इज्जतनगर मंडल ने ट्रेनें दौड़ाने की तैयारी तेज की है। बरेली-पीलीभीत के बीच नए ब्राडगेज ट्रैक पर नवंबर के आखिरी सप्ताह में ट्रेनें चलाई जा सकती हैं।
भोजीपुरा-पीलीभीत के बीच 38 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर आमान परिवर्तन किया गया है। 28 अक्तूबर को सीआरएस प्रभात कुमार के निरीक्षण में नए ब्राडगेज ट्रैक पर काफी कार्य अधूरे पाए गए थे। तब सीआरएस ने काफी नाराजगी जताई थी। अफसरों ने दिन-रात मेहनत कर निर्माण कार्य पूरे किए। 20 दिनों के बाद 10 नवंबर को सीआरएस प्रभात कुमार ने मोटर ट्राली से दुबारा भोजीपुरा-पीलीभीत ट्रैक का निरीक्षण किया। ट्रैक ओके पाए जाने पर पीलीभीत से भोजीपुरा तक 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से सीआरएस स्पेशल दौड़ाई गई थी। सीआरएस ने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट रेलवे बोर्ड और पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम राजीव मिश्रा को दे दी है। एहतियातन शुरू में ट्रेनों की स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा रखने को कहा गया है। शुरू में गाड़ियां कितनी और कौन सी ट्रेनें चलाई जाएंगी ये रेलवे बोर्ड तय करेगा।
भोजीपुरा-बरेली सिटी स्टेशन के बीच पहले से ब्राडगेज ट्रैक है। सूत्रों के मुताबिक नवंबर के आखिरी सप्ताह में बरेली सिटी स्टेशन और पीलीभीत के बीच ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। पहली ट्रेन मालगाड़ी हो सकती है। उसके बाद सवारी गाड़ियों चलाई जाएंगी।
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बरेली। पीलीभीत-टनकपुर के बीच आमान-परिवर्तन का कार्य तेजी से जारी है। अगले साल (2017) ब्राडगेज ट्रैक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद टनकपुर से सीधे आगरा, मथुरा और कानपुर को ट्रेनें दौड़ने लगेंगी।