मध्य रात्रि के बाद खोले गए कपाट
खास तौर से बाबा अलखनाथ मंदिर, बाबा बनखंडी नाथ मंदिर, श्री तपेश्वर नाथ मंदिर में कांवड़िये रात में ठहरे। मध्यरात्रि के बाद बाबा अलखनाथ मंदिर व शहर के कुछ अन्य मंदिरों में मध्य रात्रि को कपाट खोल दिए गए और कांवड़ियों ने भोले नाम का जयघोष लगाते हुए बारी-बारी से जलाभिषेक शुरू कर दिया।
इसके अलावा बाबा त्रिवटी नाथ मंदिर, बाबा धोपेश्वर नाथ मंदिर, मढ़ीनाथ मंदिर व श्री पशुपति नाथ मंदिर में भोर में द्वार खुलने के बाद जलाभिषेक शुरू हुआ। इसी के साथ मंदिरों के आस-पास के मोहल्लों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुों का पहुंचना शुरू हुआ और जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा।