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Bareilly: एफडी-आरडी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी, महिला एजेंट ने कर ली आत्महत्या, अब पीड़ित लगा रहे चक्कर

Sat, 05 Apr 2025 10:29 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में 40 वर्ष से डाकघर की एजेंसी चला रही महिला अपने बेटे के खाते में एफडी-आरडी की रकम ले रही थी। लोगों ने जब रकम मांगी तो इसका खुलासा हुआ। इस बीच महिला ने आत्महत्या कर ली। जिन लोगों ने एफडी आरडी कराई है, वे लोग अपनी जमापूंजी के लिए भटक रहे हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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डाकघर में एफडी-आरडी खुलवाने व रकम जमा कराने के नाम पर महिला एजेंट ने प्रेमनगर में 250 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की। वह लोगों से कई साल तक रकम लेती रही, लेकिन उसे डाकघर में जमा नहीं किया। महिला एजेंट पर दबाव बढ़ा तो 24 मार्च को उसने आत्महत्या कर ली। पीड़ित लोग अब पुलिस अधिकारियों व प्रधान डाकघर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। डाकघर के अधिकारी भी अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

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प्रेमनगर थाना क्षेत्र के सुर्खा बनाखाना की रहने वाली इंदिरा जौहरी डाकघर की एजेंट थी। 40 वर्ष से वह आसपास के लोगों की एफडी व आरडी खुलवाकर उसमें प्रतिमाह रकम जमा कराती थी। लोग बताते हैं कि पहले इंदिरा के पास पांच-दस खाते ही थे। धीरे-धीरे उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया। इससे उनके खातों की संख्या में वृद्धि हुई। वर्ष 2024 तक उसके पास 250 से ज्यादा खाते हो गए थे। इसके जरिये प्रतिमाह लाखों रुपये की रकम जमा हो रही थी।

प्रेमनगर के अमरीश सक्सेना ने बताया कि विश्वास जमाने के बाद इंदिरा जौहरी ने धोखाधड़ी शुरू कर दी। लोगों से मिलने वाली रकम को डाकघर में जमा करने के बजाय निजी इस्तेमाल में लेती रही। ग्राहक द्वारा दी जाने वाली रकम को एक कागज पर लिखकर उसी पर हस्ताक्षर कर देती थी। पासबुक के बाबत पूछने पर कहती थी कि पासबुक डाकखाने में जमा हैं। 

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फर्जी पासबुक बनाई 
बताते हैं कि वर्ष 2019 तक सब ठीक चला। एजेंट ने लोगों की जमा रकम वापस भी की, लेकिन उसके बाद फर्जी पासबुक दिखाकर लोगों के खाते खोलने लगी। कई वर्ष तक लोगों से रकम जमा करने के बाद जब उनकी एफडी व आरडी पूरी होने का समय आया तो रकम देने के नाम पर उन्होंने टालमटोल शुरू कर दिया। कुछ दिन बाद महिला ने आत्महत्या कर ली।

महिला की संपत्ति जब्त करने की मांग
प्रेमनगर के कृष्ण मोहन ने बताया कि महिला ने अपने बेटे के खाते में लोगों से ऑनलाइन पेमेंट लेना शुरू कर दिया था। चेक देने पर वह लेने से मना कर देती थी। नकद व क्यूआर कोड के जरिये रकम जमा करने के लिए कहती थी। विश्वास की वजह से लोग नकद व क्यूआर कोड पर भुगतान करते रहे। उनके पास इसके स्क्रीन शॉट भी मौजूद हैं। लोगों का आरोप है कि महिला ने आत्महत्या से पहले कुछ संपत्ति भी खरीदी थी। लोगों ने उसे जब्त करने की मांग की है। 
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38 लाख रुपये तक की ठगी की
महिला एजेंट ने प्रेमनगर के लोगों से सबसे ज्यादा 38 लाख रुपये की ठगी की। एक महिला ने बताया कि महिला एजेंट ने उनकी मां के नाम पर सात हजार रुपये प्रतिमाह का खाता खोला था। इसके पूरा होने पर उन्हें 38 लाख रुपये मिलने थे। जनवरी में जब समय पूरा होने पर उन्होंने महिला से रकम मांगी तो वह आनाकानी करने लगी। इसी तरह मीना सक्सेना के 15 लाख, स्नेहलता के 13.50 लाख, उमेंद्र जैन के 3.5 लाख रुपये समेत करोड़ों की रकम महिला ने ठग ली।
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