मीरगंज। विद्युत निगम की अनदेखी और डीजल की महंगाई से गन्ना और मिर्च की फसलें सूख रही हैं। सिमरिया, मदनापुर, बिलायतगंज समेत छह-सात गांवों में 10 दिन से विद्युत आपूर्ति ठप है। इससे ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं। किसान डीजल इंजन चलाकर सिंचाई करने को मजबूर हैं। महंगे डीजल से लागत बढ़ रही है, मुनाफा कम होने की आशंका है।
शिकायत को किया अनदेखा
किसान गीताराम ने बताया कि 10 दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने से फसलें बर्बादी की कगार पर हैं। डीजल महंगा है। बार-बार इंजन चलाना भी संभव नहीं है। गन्ना और मिर्च की फसल को लगातार पानी की जरूरत होती है। सिंचाई कम होने से फसल सूखने लगी है। कई किसानों ने विद्युत निगम के अधिकारियों से शिकायत भी की। आरोप है कि उनको अनदेखा कर दिया गया, समाधान नहीं हुआ।
राजाराम ने बताया कि पहले ही खाद, बीज और मजदूरी के दाम बढ़ चुके हैं। अब बिजली आपूर्ति न होने से सिंचाई के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। विभाग ने भी किसानों की समस्या का संज्ञान नहीं लिया है। अगर आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो भारी नुकसान होगा।
कुंवर सेन ने बताया कि छोटे किसान सबसे ज्यादा संकट में हैं। सरकार किसान हितैषी होने की बात करती है, लेकिन सूख रही फसलों और परेशान किसानों को कोई देखने वाला नहीं है। विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल नहीं की गई तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे। डीएम और विद्युत निगम के उच्चाधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग है।
वर्जन,
क्षेत्र में आई आंधी में कई खंभे टूट गए थे। नए खंभे मंगाए हैं। सोमवार को लाइन दुरुस्त कराई जाएगी, फिर आपूर्ति बहाल होगी। - सूर्य प्रताप सिंह, एसडीओ, मीरगंज