बदायूं रोड पटेल विहार में रहने वाले बैंक कर्मचारी दीपक चतुर्वेदी ने पत्नी पर मासूम बेटे को पीटने और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने के आरोप लगाया है। वह बुधवार को सीसीटीवी फुटेज लेकर डीआईजी से मिलने पहुंचे और बेटे की जान बचाने की गुहार लगाई। इस मामले में पत्नी समेत आठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बुधवार दोपहर दीपक चतुर्वेेदी ने डीआईजी को बताया कि 23 अप्रैल को उनकी पत्नी ने मासूम बेटे वेदांत चतुर्वेदी गला दबाकर जान लेने की कोशिश की है। उसकी पत्नी आए दिन कोई न कोई हरकत करती रहती थी इसलिए उसने अपने घर में सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे। सीसीटीवी फुटेज में वह उसके बेटे को पीटती साफ नजर आ रही है। यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी यह सब अपने माता-पिता, भाई-बहन, बुआ, फुफेरे भाई आदि के बरगलाने पर कर रही है। नौ जून को भी उनकी पत्नी ने बेटे पर जान से मारने की नियत से झपट पड़ी। उसने किसी तरह से बेटे को उससे बचाया। विरोध करने पर उसके साथ भी मारपीट की गई। अपने परिवार के लोगों को बुलाकर उसे पिटवा दिया। साथ ही मायके जाकर उसके खिलाफ कोतवाली में उसके खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुक दमा दर्ज करा दिया। डीआईजी ने सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा लिखने के आदेश दे दिए। एसओ सुभाषनगर सतीश यादव ने बताया कि दीपक के खिलाफ पत्नी ने भी मुकदमा लिखा रखा है। छानबीन करने के बाद ही इसमें आगे की कार्रवाई होगी। सीसीटीवी फुटेज को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भिजवाया जाएगा।
दीपक चतुर्वेदी उनकी बहन पर जुल्म करता है। कोतवाली में उसके खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज है। उसने किसी दूसरी महिला की फुटेज बनाकर डीआईजी के सामने पेश की होगी। मेरी बहन के साथ बेटा पूरी तरह से सुरक्षित है। जांच के बाद दीपक की हकीकत सामने आ जाएगी।
दीपक का साला