पत्नी की हत्या के आरोपी पति ने बुधवार को जिला जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हत्यारोपी युवक बीते 4 मई से जिला जेल में बंद था। बीमारी के कारण वह जेल के अस्पताल में भर्ती था जहां शौचालय की दीवार में लगे ग्रिल में गमछे से फंदा बनाकर उसने फांसी लगाई। जेल प्रशासन घटना साढ़े तीन से पौने चार के बीच की बता रहा है। मरने वाला युवक शीशगढ़ थाना क्षेत्र का अशफाक है, जिसने एक मई की रात ससुराल में पत्नी को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। जेल में बंदी के आत्महत्या की घटना से जेल प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक में हड़कंप मच गया। सिटी मजिस्ट्रेट उमेश मंगला और एसपी सिटी समीर सौरभ ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। बृहस्पतिवार को युवक का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवार वालों को सौंपा जाएगा।
फांसी लगाने वाला बंदी अशफाक उर्फ गुड्डृ थाना शीशगढ़ के मोहल्ला बिलासपुर बस अड्डा का निवासी था। उसने एक मई को अपनी पत्नी आशमा को चाकुओं से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। पत्नी पर चाकू से वार करने के बाद वह पुलिस थाना गया और खुद ही अपना जुर्म कुबूल किया था। अशफाक की आशमा दूसरी पत्नी थी, उसने उससे प्रेम विवाह किया था। वह अपनी पहली बीवी तरन्नुम और छह बच्चों को भी साथ रखता था।
बंदी की मौत की सूचना पर पहुंची मीडिया को जिला जेल की जेलर नयनतारा बनर्जी ने बताया कि युवक ब्लड प्रेशर का मरीज था और चिंता/विकार (एंग्जाइटी डिस्आर्डर) की मानसिक अवस्था से गुजर रहा था। उसे जेल के अस्पताल में चिकित्सीय अवलोकन में रखा गया था।
बंदी अवसाद में था, उसका इलाज जेल के अस्पताल में चल रहा था, जहां शौचालय के ग्रिल में गमछे से फंदा बनाकर उसने फांसी लगा ली। बंदी ने साढृे तीन से पौने चार बजे के बीच फांसी लगाई है।
- दधिराम मौर्य, जेल अधीक्षक