बारात की रवानगी के वक्त लड़की पक्ष ने शादी से इंकार किया तो तैयारियां धरी रह गईं। वजह कभी बड़े तो कभी छोटे भाई को दूल्हा बनाने की थी। इससे नाराज लड़की पक्ष ने पहले दिया दहेज का सामान भी वापस ले लिया।
बरखन निवासी नत्थू बख्श के पुत्र मोहम्मद हसन का निकाह डेढ़ साल पहले बरेली के मुड़िया चांवर गांव की लड़की से तय हुआ था। बताते हैं कि रोक आदि की रस्म पूरी होने के कुछ महीने बाद हसन शादी से इंकार करते हुए रुद्रपुर जाकर प्राइवेट नौकरी करने लगा। वह नहीं लौटा तो लड़की पक्ष भी परेशान हो गया। तब तय हुआ कि हसन के छोटे भाई शमशुल से लड़की की शादी कर दी जाएगी। लड़की पक्ष तैयार हो गया। बताते हैं कि कुछ दिन पहले हसन लौट आया और अपने परिवार से कहा कि वह शादी करने को तैयार है। लड़के वालों ने लड़की पक्ष से चर्चा की तो उन्होंने हसन से शादी करने को मना कर दिया। सोमवार सुबह बारात जाने की तैयारी हो रही थी। बस के साथ ही कई कारें भी जाने को तैयार थीं। इस बीच हसन के सिर पर सेहरा रख दिया गया। बताते हैं कि किसी ने इसकी सूचना लड़की पक्ष को दे दी। फिर लड़की पक्ष के एक फोन ने सारा मामला चौपट कर दिया। लड़की के पिता ने फोन पर नत्थू बख्श के परिवार में बेटी के निकाह से साफ मना कर दिया। कहासुनी के बाद भी लड़की पक्ष सहमत नहीं हुआ तो लड़के की ओर से उसके कुछ खास रिश्तेदार कार से लड़की पक्ष के पास मुड़िया चावर पहुंचे। वहां लड़की वालों ने इन्हें बैठा लिया और पहले दिया हुआ सारा सामान मंगाने को कहा। रोक आदि में दिया सामान वापस आने के बाद ही इन्हें जाने दिया। लड़की के बहनोई ने बताया कि पंचायत में इस बात की लिखापढ़ी भी करा ली गई कि कोई पक्ष आगे बात नहीं बढ़ाएगा। सारे दिन यह मामला खासी चर्चा में रहा।